
दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन शनिवार (11 जुलाई) को हिंसक हो गया. शुक्रवार शाम से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 5000 समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर 11 घंटे से अधिक समय तक जाम लगाए रखा.
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत 27 नामजद नेताओं और 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. नामजद आरोपियों में जिला महामंत्री भूरे चौधरी, पार्षद अक्कू दुबे, बृजेश दुबे, अनूप यादव, जिला मंत्री भानु ठाकुर, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजू गुगोरिया, जनपद उपाध्यक्ष प्रशांत डांगी, जनपद सदस्य लला रजक, भाजयुमो जिलाध्यक्ष मान सिंह कुशवाहा, विजय झंडा गुरु, भाजयुमो नेता आकाश भार्गव, लवकुश गुर्जर, सुनील दुबे (किसान नेता) सहित अन्य शामिल हैं.
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पुलिस ने गिरफ्तार किए कई आरोपी
पुलिस ने बताया कि कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कुछ को नजरबंद किया गया है. घटना के बाद बीजेपी नेतृत्व ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं और संगठन में स्थिति सामान्य होने का संदेश देने की कोशिश की है. हालांकि, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुई है.
सूत्रों के अनुसार पार्टी के कुछ पदाधिकारी इस विवाद का शीघ्र समाधान कर आगे बढ़ने के पक्ष में हैं, जबकि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी टिकट वितरण में हुई उपेक्षा को लेकर अब भी असंतुष्ट हैं. ऐसे में दतिया उपचुनाव से पहले बीजेपी के भीतर की नाराजगी पूरी तरह खत्म होती फिलहाल नजर नहीं आ रही है
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुआ टकराव
प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम के साथ टकराव के बाद हालात बिगड़ गए. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने एसपी, कलेक्टर सहित पुलिस बल पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.
वहीं प्रदर्शन में शामिल बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पहले पुलिस की ओर से पथराव किया गया, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हुई. पुलिस के अनुसार हिंसा में एसपी मयूर खंडेलवाल, एसडीओपी पूनमचंद यादव, इंदरगढ़ टीआई नरेंद्र सिंह राजपूत सहित आठ से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए. कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने भी अपने ऊपर पथराव होने की पुष्टि की है.
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया ये दावा
वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि घटना में जिला महामंत्री भूरे चौधरी, किसान मोर्चा उपाध्यक्ष सुमित यादव, राजीव सेन सहित कुछ महिला कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं. पुलिस का आरोप है कि उपद्रवियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ वाहनों को पलट दिया. दूसरी ओर बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके वाहनों में तोड़फोड़ की. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर शांति भंग करने और हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं.
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