
दतिया में हिंसक प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा की सीएम मोहन यादव के साथ बैठक हई. शनिवार (11 जुलाई) शाम को वो मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री अजय जमवाल से मुलाकात की. दतिया सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बीजेपी से टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने जमकर बवाल काटा और हिंसक प्रदर्शन किया है.
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, ”दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है. कुछ लोगों ने इस्तीफा दिया है, हालांकि कोई इस्तीफा नहीं मिला है. बीजेपी किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेगी. नरोत्तम मिश्रा के मार्ग दर्शन में हम दतिया चुनाव जीतेंगे.”
दतिया में हिंसा के आरोप में 17 नेताओं पर हुई FIR
दतिया में हिंसा करने के आरोप में 17 नेताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है. पथराव, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. कोतवाली थाने में इन नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
किन-किन नेताओं पर हुई एफआईआर?
दतिया में हिंसा करने के आरोप में अक्कू दुबे, राजू गुगौरिया, अनूप यादव, विपिन पाठक, लला रजक, प्रशांत दांगी, अतुल भूरे, प्रदीप यादव, भानु ठाकुर, बृजेश दुबे, मान सिंह कुशवाहा, विजय झंडा, आकाश भार्गव, लवकुश गुर्जर, शंकर गुर्जर, अमित परिहार, करण जाटव, सुनील दुबे, अंशुल यादव, कृष्णा दुबे, प्रदीप गुर्जर, अजय रजक, भैया दुबे, वीरपाल गुर्जर, नियुक्त नागर, कमलेश चौबे और जितेंद्र कमरिया पर एफआईआर दर्ज हुई है.
दरअसल दतिया उपचुनाव को लेकर 30 जुलाई को मतदान होना है. बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटते हुए इस बार आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया है. टिकट कटने की खबर जैसे ही फैली तो नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क गए. बीजेपी दफ्तर से लेकर सड़क तक उनके समर्थकों ने हंगामा किया. हाईवे को जाम कर दिया और पुलिसकर्मियों से भी उनकी भिड़ंत हो गई.
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