मध्य प्रदेश

‘डरते क्यों हो DGP साहब से…’, दतिया में हिंसक प्रदर्शन को लेकर पुलिस पर भड़के कांग्रेस नेता


मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव से पहले पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हिंसक प्रदर्शन किया है. इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं और प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठीचार्ज किया है. पुलिस के इस रवैये पर अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल खड़े कर दिए हैं. 

दतिया पुलिस अधीक्षक को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “अरे दतिया पुलिस अधीक्षक बेचारे छोटे-छोटे बीजेपी के कार्यकर्ताओं को क्यों गिरिधर कर रहे हो. जो इन छोटे कार्यकर्ताओं को उकसा रहे हैं उन्हें गिरिधर करने का साहस दिखाओ.”

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‘डरते क्यों हो डीजीपी साहब से…’

उन्होंने आगे निशाना  साधते हुए बीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग कर दी है. उन्होंने कहा, “मुझे बताया जाता गया है कि आप राजस्थान से हो. राजस्थान तो वीरों की धरती है. डरते क्यों हो DGP साहब से इजाजत लेकर गिरफ्तारी शुरू करो.” दिग्विजय सिंह ने पुलिस अधीक्षक द्वारा दिए गए बयान पर यह टिप्पणियां की हैं. 

दतिया पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा?

दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने कहा कि चक्का जाम करने की कोशिश की गई. बाजार खुलवा दिया गया है. प्रदर्शनकारियों को समझाया गया है. पत्थरबाजी के बाद पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया गया. कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हैं. 

एडिशनल एसपी को भी चोटें आई हैं. अच्छी बात यह है कि इस दौरान हम लोगों की ओर से लाठीचार्ज नहीं किया गया है. उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. आचार सहिंता के दौरान किसी की ओर से भी शांति भंग करने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

नाराज समर्थकों ने किया प्रदर्शन

बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना भी हुई. इसमें कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए, जबकि पुलिस के कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा.

दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि करीब 12 घंटे बाद चक्का जाम समाप्त कराया गया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे हटने को तैयार नहीं थे.

इसके बाद उन्हें हटाने के लिए प्रशासन की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गए. पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. डीएसपी, एसडीओपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को भी चोटें आई हैं.

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