
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बताया कि शुक्रवार (10 जुलाई) की सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 124 सड़कें बंद हैं. इसके अलावा 442 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित है, जबकि 19 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं.
9 जुलाई की शाम तक प्रदेश में 75 सड़कें, 67 डीटीआर और 14 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं. वहीं 10 जुलाई की सुबह तक इनकी संख्या बढ़कर क्रमशः 124 सड़कें, 442 डीटीआर और 19 पेयजल योजनाएं हो गई है, जिससे साफ है कि लगातार बारिश के कारण हालात और बिगड़े हैं.
शिमला में कई सड़कें बंद, बिजली सप्लाई भी प्रभावित
शिमला जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार (10 जुलाई 2026) सुबह 11 बजे तक लगातार बारिश के बीच जिले में सभी प्रमुख नेशनल और स्टेट हाईवे खुले हैं, लेकिन जिले की 27 संपर्क सड़कें बंद हैं. जिन्हें बहाल करने के लिए विभागीय टीमें कार्यरत हैं.
वहीं 67 विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है. 53 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं. प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है.
उपमंडलवार क्या है स्थिति?
- ठियोग: 6 लिंक सड़कें बंद, 8 DTR बंद, 29 पेयजल योजनाएं प्रभावित
- चौपाल: 5 लिंक सड़कें बंद, 10 DTR बंद, 5 पेयजल योजनाएं प्रभावित
- रामपुर: 6 लिंक सड़कें बंद, 49 DTR बंद, 15 पेयजल योजनाएं प्रभावित
- सुन्नी: 3 लिंक सड़कें बंद
- कुमारसैन: 1 लिंक सड़क बंद, 4 पेयजल योजनाएं प्रभावित
- कोटखाई: 1 लिंक सड़क बंद
- जुब्बल: 5 लिंक सड़कें बंद
- रोहड़ू, डोडरा-क्वार और कुपवी: स्थिति सामान्य
शिमला में पत्थर गिरने से गाड़ियों को पहुंचा नुकसान
शिमला के विकासनगर में पत्थर गिरने से 2-3 खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है. हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है. वहीं, सुन्नी आईटीआई परिसर में पानी घुस गया है. प्रशासन द्वारा छात्रों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है. रामपुर उपमंडल के ब्रांडली गांव (नारेंन) में भारी बारिश के कारण एक मकान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई.
सिरमौर जिले में भारी बारिश का कहर
सिरमौर जिले में भारी बारिश का दौर लगातार पिछले 36 घंटों से जारी है. शुक्रवार (10 जुलाई) को बारिश की वजह से नाहन शहर के मुख्य इलाके में एक जर्जर डंगा अचानक भरभराकर ढह गया, जिसमें भारी मात्रा में मलबा और चट्टान गली में आ गिरे. जिसके चलते साथ लगते मकानों में भी मलबा घुस गया. मलबे के कारण कई लोग अपने घरों में फंस गए. यह हादसा ऐतिहासिक महल के ठीक पिछली तरफ स्थित गली में हुआ है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह ऐतिहासिक महल पिछले काफी समय से बेहद जर्जर स्थिति में था.
नाहन क्षेत्र में मार्कण्डेय नदी भी उफान पर
हालांकि पिछले कुछ महीनों से इस महल में लगातार मरम्मत का काम चल रहा था. घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त प्रियंका वर्मा, एसडीएम राजीव संख्यान और स्थानीय विधायक अजय सोलंकी मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. कड़ी मशक्त के बाद सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. इसके अलावा नाहन क्षेत्र के साथ लगती मार्कण्डेय नदी भी उफान पर है. एन.एच चंडीगढ़ पोंटा पर खजुरना के पुल के पास भू स्खलन के चलते एक पेड़ गिरने से काफी देर तक ट्रैफिक भी जाम रहा.
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प्रदेशवासियों और पर्यटकों से एहतियात बरतने की अपील
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से एहतियात बरतने की अपील की है. नरेश चौहान ने कहा कि मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. ऐसे में लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास न जाएं. उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और सरकार इस पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. उन्होंने लोगों से अपील है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें.
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