
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कलेक्ट्रेट में मास्टर प्लान को लेकर आयोजित बैठक उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गई, जब जनप्रतिनिधियों के बीच ही तीखी बहस शुरू हो गई. बैठक में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, विधायक आतिफ अकील और फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत के बीच जमकर नोकझोंक हुई. दोनों पक्षों की ओर से उंगली दिखाकर हुई इस बहस के बाद बैठक का माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया.
जानकारी के मुताबिक, कलेक्ट्रेट में मास्टर प्लान लागू न होने के मुद्दे पर चर्चा चल रही थी. इसी दौरान जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए अपनी बात रखी, जो विधायक आरिफ मसूद को नागवार गुजरी.
मसूद ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, “आप बीच में क्यों बोल रहे हैं? हम सांसद जी से बात कर रहे हैं. आप हमें क्या समझाएंगे? यह कैसा मास्टर प्लान है?” मसूद ने बैठक में मौजूद लोगों का ध्यान खींचते हुए स्पष्ट किया कि किसी गंभीर मुद्दे पर बात करते समय बीच में इस तरह बोलना उचित नहीं है.
‘औकात में रहकर बात करो’ – प्रमोद राजपूत का पलटवार
विधायक आरिफ मसूद की इस बात पर प्रमोद सिंह राजपूत ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, “औकात में रहकर बात करो. ऊंची आवाज में बोलने से कुछ नहीं होगा.” इस तीखे जवाब के बाद माहौल और बिगड़ गया और करीब दस मिनट तक दोनों पक्षों के बीच लगातार तीखी नोकझोंक चलती रही.
सांसद से कर रहे थे चर्चा, शहर के विकास को लेकर जताई चिंता
इस पूरे हंगामे के बाद विधायक आरिफ मसूद ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी बहस किसी अन्य से नहीं थी, बल्कि वे सीधे सांसद से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा, “भोपाल का मास्टर प्लान अगर इसी तरह रहेगा, तो शहर का विकास बुरी तरह प्रभावित होगा. हम सांसद जी का सम्मान करते हुए यहां आए हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता.”
फिलहाल, इस हंगामे के चलते मास्टर प्लान पर होने वाली अहम चर्चा पीछे छूट गई और नेताओं की यह बहस शहर के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है.
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