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जोधपुर में दिल दहला देने वाली घटना: मां की मौत, एक बेटे की जान गई, जिंदगी की जंग लड़ रहा दूसरा बेटा | jodhpur mother and son died in domestic violence dowry death case



जोधपुर ग्रामीण जिले के पीपाड़ शहर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. वर्षों तक दहेज की कथित मांग, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद एक विवाहिता की मौत हो गई. जबकि उसके बड़े बेटे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया और दूसरा बेटा जहरीला पदार्थ खाने के बाद से जिंदगी मौत की जंग लड़ रहा है. घटना के बाद मृतका के भाई ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पति सहित पांच लोगों पर सुनियोजित तरीके से हमला कर हत्या करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

2005 में महिला की हुई थी शादी

एफआईआर के अनुसार, मृतका की 2005 में पीपाड़ क्षेत्र निवासी प्रकाशराम के साथ शादी हुई थी. शिकायतकर्ता श्यामलाल माली ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से लगातार दहेज और नकदी की मांग की जाने लगी. मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ आए दिन मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं.

परिवार ने कई बार समझौते का प्रयास किया और आर्थिक सहायता भी दी, लेकिन कथित प्रताड़ना का सिलसिला नहीं रुका. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में मृतका का पति दिल्ली से वापस गांव आ गया. इसके बाद कथित रूप से लाखों रुपये की मांग और बढ़ गई. शिकायत में कहा गया कि कई बार रकम देने के बावजूद आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई. विरोध करने पर मृतका को प्रताड़ित किया जाता रहा.

एफआईआर में जिक्र किया गया कि कुछ दिन पहले महिला ने अपने मायके पक्ष को फोन कर बताया था कि उससे फिर पैसों की मांग की जा रही है और मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की जा रही है.

पैसे न देने पर महिला से मारपीट

उसने अपने परिजनों को यह भी बताया था कि उसे और उसके बच्चों को जान का खतरा है. 26 जुलाई 2026 की सुबह करीब 8 से 9 बजे पति प्रकाशराम, दिलीप, लक्ष्मणराम, चंपा देवी और जवारीलाल एक राय होकर घर पहुंचे. आरोप है कि सभी ने मिलकर विवाहिता और उसके दोनों बेटों के साथ बेरहमी से मारपीट की.

शिकायत में कहा गया है कि महिला का गला दबाया गया और उसके साथ गंभीर मारपीट की गई. दोनों मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा गया और उन्हें भी गंभीर चोटें पहुंचीं. परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद घायल महिला और बच्चों को तत्काल उचित उपचार नहीं मिला. बाद में मायके पक्ष को सूचना मिलने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. उपचार के दौरान विवाहिता की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे की बुधवार (29 जुलाई) को मौत हो गई. वहीं छोटे बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है.

विवाहिता की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी. पूरे गांव में घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है. पीपाड़ शहर थाना पुलिस ने मृतका के भाई की रिपोर्ट पर दिलीप, प्रकाशराम, लक्ष्मणराम, चंपा देवी और जवारीलाल को नामजद आरोपी बनाया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2), 85, 115(2), 126(2) एवं 108 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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