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जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा-बीकानेर… राजस्थान में फिर थमेंगे बसों के पहिए, लाखों यात्रियों को होगी परेशानी | Rajasthan Bus Strike Jaipur Jodhpur, Udaipur, Kota-Bikaner Private Bus Operators Indefinite strike


राजस्थान में एक बार फिर प्राइवेट बस से सफर करने वाले लाखों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. परिवहन विभाग की कार्रवाइयों से नाराज बस ऑपरेटरों ने पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है. जयपुर में आयोजित विभिन्न बस संघों की राज्य स्तरीय बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया. ऑपरेटरों ने ऐलान किया कि 10 अगस्त की मध्यरात्रि 11:59 बजे से पूरे राज्य में निजी बसों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी. 

बस से जुड़े लोगों के आजिविका पर संकट

बस यूनियनों का सीधा आरोप है कि परिवहन विभाग की ओर से लगातार की जा रही चालानी और जांच की कार्रवाई मनमानी तथा अन्यायपूर्ण है. ऑपरेटरों के अनुसार, इन सख्त कदमों की वजह से इस व्यवसाय से जुड़े हजारों बस चालकों, परिचालकों, मालिकों और अन्य कर्मचारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है.

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Photo Credit: IANS

10 अगस्त की रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल

इसी विरोध के चलते संघ ने एकजुट होकर बसें खड़ी करने का कठोर कदम उठाया है. इस आंदोलन को असरदार बनाने के लिए बस यूनियनों ने अपने सभी सदस्यों को कड़े निर्देश जारी किए हैं. 10 अगस्त की रात से कोई भी ऑपरेटर नया ऑनलाइन बुकिंग चार्ट तैयार नहीं करेगा और ना ही किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कोई टिकट बुकिंग स्वीकार की जाएगी.

जयपुर समेत कई शहरों में प्रभावित होंगी सेवाएं

संघ ने सभी बस संचालकों से सामूहिक निर्णय का सख्ती से पालन करने की अपील की है. निजी बसों का चक्का जाम होने से जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर जैसे प्रमुख शहरों से चलने वाली अंतरजिला और अंतरराज्यीय बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित होंगी.

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फरवरी में हुए बस मालिकों ने किया था हड़ताल

इससे पहले फरवरी 2026 में भी राज्य के निजी बस मालिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान किया था, जिससे करीब 35 हजार बसों के पहिये थम गए थे और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा था. 

फिलहाल सभी की निगाहें राज्य सरकार और परिवहन विभाग के अगले रुख पर टिकी हैं. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 10 अगस्त की रात से पहले प्रशासन बस ऑपरेटरों के साथ वार्ता कर कोई समाधान निकालता है या फिर प्रदेशभर में निजी परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाती हैं.

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