मध्य प्रदेश

इंदौर के स्कूल में फूड प्वाइजनिंग का कहर, मेस का खाना खाने से 100 से ज्यादा बच्चे बीमार


मध्य प्रदेश के इंदौर के एक स्कूल’ से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां फूड प्वाइजनिंग (Food Poisoning) के कारण 100 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई है. इस घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अभिभावकों में भारी आक्रोश है.

जानकारी के अनुसार, शनिवार (21 जून) को स्कूल परिसर में ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर बच्चों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम के दौरान स्कूल की मेस की तरफ से सभी बच्चों को भोजन परोसा गया था. घर लौटने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, मतली और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत करना शुरू कर दिया.

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ईमेल से शुरू हुई शिकायत, 100 के पार पहुंचा आंकड़ा

बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर चिंतित अभिभावकों ने तुरंत स्कूल प्रबंधन को ईमेल के माध्यम से इसकी जानकारी देना शुरू किया. शुरुआती तौर पर करीब 35 बच्चों के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, बीमार बच्चों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया. स्कूल प्रबंधन के ही अनुसार, अब तक 100 से अधिक बच्चों के बीमार होने की सूचना प्राप्त हो चुकी है.

अभिभावकों का हंगामा और प्रशासन का एक्शन

इस गंभीर लापरवाही की जानकारी मिलते ही अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा. कई अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता और प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर कड़े सवाल उठाए, जिससे स्कूल परिसर के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई.

  • मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया.
  • जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और खाद्य विभाग की टीम ने तत्काल शिशु कुंज स्कूल पहुंचकर जांच शुरू कर दी.
  • अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से घटना की पूरी रिपोर्ट ली और मेस का सघन निरीक्षण किया.
  • खाद्य विभाग की टीम ने मेस में तैयार किए गए भोजन के सैंपल (नमूने) एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला (Lab) भेज दिया गया है.

रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने का असली कारण क्या था. फिलहाल बीमार बच्चों का उपचार कराया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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