
नई दिल्ली:
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए टीएमसी के 20 बागी सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था किए जाने के बाद, एनसीपीआई ने इन सांसदों के पार्टी में विलय को लेकर आधिकारिक सूचना भी जारी कर दी है. रविवार को इसके बाद इन सांसदों ने संसद के मॉनसून सत्र के दौरान अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए संसद भवन में बैठक की. सुदीप बंदोपाध्याय ने इस बैठक की अध्यक्षता की.
बैठक के बाद NCPI संसदीय दल के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने NDTV से कहा कि लोकसभा स्पीकर ने एनसीपीआई के सभी 20 सांसदों को सीट नंबर अलॉट कर दिया है. इसके साथ ही एनसीपीआई को रिकॉग्निशन का जो एक मुद्दा ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष ने उठाया था, वो अब खत्म हो गया है.

उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ कल एक लंबी मुलाकात की थी. इस बैठक में उन्होंने हमें पूरी मदद करने का आश्वासन दिया है. सुदीप बंदोपाध्याय ने साथ ही कहा कि एनसीपीआई मंगलवार को एनडीए की बैठक में भी हिस्सा लेगी.
अब एनडीए के साथ- एनसीपीआई की चीफ व्हिप काकोली घोष
वहीं एनसीपीआई की चीफ व्हिप काकोली घोष ने NDTV से कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान एनडीए सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने वाली है. हम अब एनडीए के साथ हैं. उन्होंने कहा कि आज की बैठक में महत्वपूर्ण बिलों पर एनसीपीआई का क्या स्टैंड हो, इस पर हमने चर्चा की है. सुदीप बंदोपाध्याय एनसीपीआई पार्लियामेंट्री पार्टी के लीडर हैं और मैं चीफ व्हिप हूं.

पश्चिम बंगाल के 20 सांसदों का एनसीपीआई में विलय
इससे पहले पश्चिम बंगाल के इन 20 सांसदों के पार्टी में विलय को लेकर एनसीपीआई ने आधिकारिक सूचना जारी. पार्टी ने कहा कि विलय स्वीकार किए जाने के बाद ये सभी सांसद अब औपचारिक रूप से एनसीपीआई का हिस्सा बन गए हैं. पार्टी का दावा है कि इन नेताओं के शामिल होने से जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति उसका संकल्प और मजबूत होगा.
एनसीपीआई द्वारा जारी सूची में जिन सांसदों के नाम शामिल हैं, उनमें सुदीप बंद्योपाध्याय, डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, माला रॉय, मिताली बाग, पार्थ भौमिक, अधिकारी दीपक देव, डॉ. शर्मिला सरकार, सयानी घोष, बापी हलदार, कालीपद सारेन खेरवाल, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, प्रसून बनर्जी, अरूप चक्रवर्ती, असित कुमार मल, यूसुफ पठान, जून मालिया, खलीलुर रहमान, मोहम्मद अबू ताहेर खान और रचना बनर्जी शामिल हैं.

पार्टी ने अपने बयान में कहा कि इन सभी सांसदों के जुड़ने से संगठन की जनसेवा की भावना को नई मजबूती मिलेगी. साथ ही यह सामूहिक प्रयास देश के विकास और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देगा.
20 सांसदों के इस विलय को पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है.
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