

अमेरिकी शेयर मार्केट खुलते ही एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ लॉन्च हो गया. इस पल का इंतजार विश्व के करोड़ों निवेशक कई समय से कर रहे थे, वो इतंजार पूरा हुआ. एक शेयर की कीमत 135 डॉलर तय की गई थी.फिक्स प्राइस के साथ पहली बार अमेरिका के मार्केट में कोई कंपनी लिस्ट हुई है. विश्व में ये अभी तक की सबसे बड़ी शेयर लिस्टिंग है. स्पेसएक्स का आईपीओ अमेरिका के नैस्डैक एक्सचेंज पर SPCX टिकर नाम से लिस्ट हुआ है.
निवेशक की चाल तय करेगी शेयर का भविष्य
एक्सपर्ट के अनुसार लिस्टिंग के बाद शेयर कितने ऊपर जाता है, इससे ज्यादा जरूरी ये है कि वो आगे फ्यूचर में कैसा प्रदर्शन करता है. ये तीन बड़ी बातों पर निर्भर करेगा. पहला ये कि बड़े निवेशक इस शेयर को अपने पास कितने समय तक होल्ड करके रख सकते हैं. दूसरी बात ये कि ग्रे मार्केट निवेशक कहीं प्रॉफिट के चक्कर में इस शेयर को निकाल तो नहीं देते. और आखिर में तीसरी बात, आगे अमेरिकी मार्केट की चाल कैसी रहती है. ऐसे में किसी भी नए शेयर का भविष्य पहले दिन पता नहीं किया जा सकता. शेयर मार्केट में आई किसी भी कंपनी को कम से कम 3 से 4 दिन का समय देना चाहिए.
विश्व का सबसे बड़ा आईपीओ बना
इस आईपीओ का इश्यू साइज इतना बड़ा था कि भारत की ज्यादातर कंपनियां का मार्केट कैप भी कम पड़ जाए. कंपनी ने करीब 55.56 करोड़ शेयर्स बेचे हैं. इस कीमत पर स्पेसएक्स अमेरिका की 7वीं सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी बन गई है. टेस्ला से भी आगे मस्क की ये दूसरी कंपनी निकल गई है. इससे पहले दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ सऊदी अरामको का था, जिसकी वैल्यू 25.6 अरब डॉलर की थी. यानी साफ-साफ कह सकते हैं कि स्पेसएक्स का आईपीओ उससे करीब 3 गुना बड़ा था.
कैसा है कंपनी का बिजनेस मॉडल?
कंपनी ने अपनी लिस्टिंग से पहले ही बता दिया था कि वो सिर्फ रॉकेट बनाने वाली कंपनी नहीं है. इसका विजन इससे भी कहीं ज्यादा है. जैसे मंगल ग्रह पर लोगों को ले जाना, एस्टेरॉयड माइनिंग के साथ स्पेस में एआई बेस्ड इंफ्रा पर काम करना शामिल है. कंपनी के बिजनेस की बात करें तो इसमें स्टारलिंक यानी सैटेलाइट इंटरनेट का बड़ा हिस्सा है, जो कुल कमाई का करीब 61% है. इसके बाद करीब 22% कमाई रॉकेट लॉन्च बिजनेस से होती है. इसके अलावा 17% कमाई कंपनी एआई बेस्ड सर्विस के जरिए करती है. इस एआई शेयर में ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स की कमाई शामिल है.
साल 2025 में कंपनी को हुआ 4.9 अरब डॉलर का घाटा
हालांकि आपको एक बात जानकार हैरानी होगी कि इतने बड़े वैल्यूएशन वाले आईपीओ की कंपनी को 4.9 अरब डॉलर का साल 2025 में घाटा हुआ है. साथ ही इस पर करीब 29 अरब डॉलर का कर्ज भी मौजूद है. पर कंपनी ने पिछले साल करीब 18.7 अरब डॉलर का रेवेन्यू बनाया था. स्पेसएक्स ने अपने फ्यूचर प्रोजेक्ट्स पर काफी निवेश किया हुआ है. केवल स्टारशिप रॉकेट पर ही 15 अरब डॉलर से ज्यादा लगा दिए गए हैं. ये रॉकेट मंगल मिशन का अहम हिस्सा है.
स्पेसएक्स एक कंपनी नहीं, कॉकटेल है
स्पेसएक्स के अनुसार कंपनी का टोटल मार्केट काफी बड़ा है. करीब 28.5 ट्रिलियन डॉलर का, जिसमें स्पेस, इंटरनेट और एआई जैसे बड़े सेक्टर मौजूद हैं. यानी अमेरिकी शेयर मार्केट में अब एक ऐसी कंपनी आ चुकी है जो सैटेलाइट इंटरनेट, रॉकेट और एआई तीनो का कॉकटेल है. सबसे बड़ी बात ये है कि इसका मुकाबला किसी कंपनी से नहीं है. तुलना अगर की भी जाती है तो वो खुद नासा ही है, जो एक सरकार संस्था है. और हां स्पेसएक्स का वो बड़ा ग्राहक भी है.
कैसा है अमेरिकी मार्केट का हाल?
Dow Jones करीब 300 अंक बढ़कर 51,148 के आसपास पहुंच गया. वहीं S&P 500 भी 16 अंक की बढ़त के साथ 7,410 के करीब खुला. हालांकि Nasdaq इंडेक्स में हल्की गिरावट देखने को मिली. ये करीब 26 अंक गिरकर 25,783 के आसपास खुला. कुल मिलाकर कह सकते हैं कि मार्केट की चाल पॉजिटिव रही, लेकिन उम्मीद के उलट टेक शेयरों में थोड़ी सुस्ती देखी गई.





