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PMCH प्रिंसिपल विवाद पर बड़ा एक्शन, निशांत कुमार ने बताया- अब आगे क्या होगा | Bihar Health Minister Nishant Kumar first reaction on Patna Medical College and Hospital PMCH Principal Resigns



पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के प्रिंसिपल नरेंद्र प्रताप सिंह को हटाने और उनके इस्तीफे का विवाद बढ़ गया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने शनिवार को विभाग में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कड़ा रुख अपनाया. PMCH के प्रिंसिपल पर एक्शन लेने के बाद निशांत कुमार का पहला बयान आया है. उन्होंने कहा कि हमारे विभाग की नीति स्पष्ट है किसी भी लापरवाह, कर्तव्यहीन, भ्रष्ट, लोग नहीं रहेंगे. आगे भी अगर ऐसा कोई करता है तो उन पर कार्रवाई निश्चित होगी. निशांत कुमार ने आगे कहा कि मैं आगे भी कई अस्पतालों का निरीक्षण करूंगा, मेरी कोशिश रहेगी कि कहीं कोई अनियमित ना रहे सब कुछ सुचारू ढंग से चले.

जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित

निशांत कुमार ने कहा कि 23 को मैं निरीक्षण करने गया था. PMCH में उस दौरान प्रिंसिपल अनुपस्थित थे. उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति बनाई गई है. जिसमें उनके पक्ष को सुना जाएगा वह बताएंगे कि आखिर उस दिन वह अस्पताल में क्यों नहीं थे. उनको मालूम था कि मैं आने वाला हूं, फिर भी वह अस्पताल नहीं आए. उन्होंने किसी को नोटिस भी नहीं दिया बताया तक नहीं कि आखिर वह अस्पताल में क्यों नहीं है. उसके बाद हमने उन पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोई भी आगे का फैसला लेने से पहले नरेंद्र प्रताप सिंह को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा. निशांत कुमार ने आरोप लगाया कि न तो छुट्टी के बारे में पहले से कोई जानकारी दी गई और न ही निरीक्षण के दौरान फोन कॉल का जवाब दिया गया.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र प्रताप सिंह के दावे को लेकर निशांत कुमार ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. 22 तारीख को शाम में ही अधीक्षक ने मेरे आने की सूचना प्रिंसिपल को दे दी थी. शाम में 7:00 बजे अधीक्षक ने उनसे बातचीत की जिसके बाद प्रिंसिपल ने कहा कि ठीक है मैं कल रहूंगा. अधीक्षक ने उनसे कहा था कि स्वागत भाषण वो देंगे और धन्यवाद ज्ञापन प्रिंसिपल को करना है. मैंने कई बार उनको फोन करने का कोशिश किया उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया. हमारे विभाग की नीति स्पष्ट है किसी भी लापरवाह, कर्तव्यहीन, भ्रष्ट, लोग नहीं रहेंगे. 

प्रिंसिपल नरेंद्र प्रताप ने क्या दावा किया?

वहीं, प्रिंसिपल नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पेट पर गलती से गर्म पानी गिर जाने से लगी चोटों के कारण वे नहीं आ पाए. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. हटाए जाने के बाद, उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया और कहा कि वे इस मामले को आगे बढ़ाएंगे.

PMCH के प्रिंसिपल पद से हटाने और बेतिया ट्रांसफर होने पर नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह बहुत अपमानजनक है और इससे मेरी गरिमा को ठेस पहुँचती है. मैं इसे स्वीकार नहीं करता. एक डॉक्टर या पदाधिकारी के तौर पर, मैं खुद को एक जाना-माना और सम्मानित व्यक्ति मानता हूँ. दुनिया मुझे जानती और पहचानती है.

“2018–2019 में, इसी सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मंत्री मंगल पांडे के समय में संजय कुमार ने मुझे सस्पेंड कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने तीन हफ़्ते के भीतर ही इसे दुर्भावनापूर्ण करार दिया. इसके बाद, सभी छात्र सड़कों पर उतर आए और मार्च किया, यह कहते हुए कि यह गलत था.”

बता दें कि मेडिकल कॉलेज में निशांत कुमार के दौरे के समय अनुपस्थित मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने PMCH के प्रिंसिपल नरेंद्र प्रताप सिंह को पद से हटा दिया और उनका तबादला बेतिया मेडिकल कॉलेज कर दिया. इस बीच, गीता सिन्हा को अगले आदेश तक PMCH का प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है. 

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