
मध्य प्रदेश के इंदौर में नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के साथ एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. शहर के विजयनगर थाना क्षेत्र में ‘जॉब कंसल्टेंसी’ के नाम पर छात्रों को ठगने वाले एक गिरोह के सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह शातिर ठग युवाओं को रोजगार का झांसा देकर उनकी ओरिजिनल (मूल) मार्कशीट अपने पास रख लेता था और फिर उन्हें वापस करने के एवज में मोटी रकम वसूलता था.
विजयनगर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मयंक सराफ के रूप में हुई है. आरोपी मयंक ऑर्बिट मॉल (Orbit Mall) स्थित ‘अल्फ़ा कंसल्टेंसी’ (Alpha Consultancy) के नाम से अपना दफ्तर चलाता था. यहाँ वह शहर और आस-पास के युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का लोकलुभावन झांसा देता था.
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पंजीकरण के नाम पर रख लेता था ओरिजिनल दस्तावेज
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी मयंक नौकरी की प्रक्रिया और वेरिफिकेशन का बहाना बनाकर छात्रों से उनकी 10वीं और 12वीं कक्षा की ओरिजिनल मार्कशीट जमा करवा लेता था. जब छात्र काफी समय बीत जाने के बाद नौकरी न मिलने पर अपने दस्तावेज वापस मांगने जाते थे, तो वह असली खेल शुरू करता था. आरोपी प्रति मार्कशीट वापस लौटाने के बदले छात्रों से 5,000 से लेकर 10,000 रुपये तक की मांग करता था. शिकायत के मुताबिक, जो छात्र पैसे देने से मना करते थे या विरोध करते थे, उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं.
> नौकरी दिलाने के नाम पर ओरिजनल मार्कशीट रखकर ठगी करने वाला आरोपी थाना विजयनगर पुलिस की गिरफ्त में।
> आरोपी मंयक सर्राफ के कब्जे मे मिली विभिन्न विधार्थियों की 10,12वी की कुल 313 ओरिजनल मार्कशीट
> विधार्थियों से मार्कशीट वापस करने के बदले मांग रहा था प्रतिमार्कशीट 5000/- रूपये pic.twitter.com/p0C1BxQRTE— DCP Indore Zone – 2 (@dcpindore_zone2) July 20, 2026
313 मार्कशीट बरामद, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
छात्रों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विजयनगर पुलिस ने आरोपी मयंक सराफ के ठिकानों पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 313 छात्रों की 10वीं और 12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट बरामद की हैं. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जबरन वसूली का मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर ले लिया है. अब पुलिस बरामद दस्तावेजों के आधार पर पीड़ित छात्रों से संपर्क कर रही है. इसके साथ ही इस बात की भी गहन जांच की जा रही है कि इस बड़े फर्जीवाड़े के नेटवर्क में मयंक के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
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