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Haiwaan Review: सिनेमाघरों में रिलीज हुई हैवान, जानें कैसी है अक्षय कुमार-सैफ अली खान की फिल्म | Haiwaan Review In Hindi know akshay kumar saif ali khan haiwaan review 



नई दिल्ली:

Haiwaan Review In Hindi: अक्षय कुमार और सैफ अली खान की मचअवेटेड फिल्म हैवान सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. यह जोड़ी सालों बाद देखने को बड़े पर्दे पर मिली है. यह 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ओप्पम का रीमेक है, जिसके हीरो मोहनलाल थे. लेकिन खास बात यह है कि हैवान में अक्षय कुमार जहां विलेन की भूमिका में हैं तो वहीं सैफ अली खान नेत्रहीन हीरो का किरदार निभाते हुए नजर आ रहे हैं. जबकि फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है. फिल्म 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, जिसका फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने मैं थियेटर में पहुंचा तो चारों तरफ सन्नाटा था. वहीं इस तरह पहली टिकट खरीदने वाला पहला दर्शक मैं बना, जिसके चलते अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म हैवान कैसी होगी. 

हैवान की कहानी

पहले सीन से ही पता चल जाता है कि सैफ इस रोल में कम्फरटेबल नहीं हैं. सैफ को बहन की शादी करनी है. उसके लिए पैसा चाहिए. सैफ का किरदार एक सिंगर और पहलवान का है, इसके साथ ही वह मेंटेनेंस मैनेजर की नौकरी भी करते हैं. लेकिन रोल में वह मिसफिट नजर आते हैं. फिल्म में अक्षय कुमार पर रेप के आरोप लगते हैं और बोमन ईरानी जज की भूमिका निभा रहे हैं, जो उन्हें सजा देते हैं. यह कहानी सैफ को सुनाई जाती है और यह एक रिवेंज की कहानी है. 

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हैवान में एक्टिंग 

सैफ अली खान एक भी सीन में इम्प्रेस नहीं कर पाते हैं और रियलिटी से फिल्म काफी दूर दिखती है. ऐसा लगता ही नहीं कि ये एक हिट फिल्म का रीमेक है. ओप्पम प्रियदर्शन की फिल्म है और कोई अपनी फिल्म का इतना बुरा हाल कैसे कर सकता है यह सोच के हैरानी होती है. फिल्म का फर्स्ट हाफ धीमा है और जितना हम जानते हैं ना कोई सस्पेंस है, ना कोई वाओ फैक्टर है और एक्टिंग भी एवरेज लगती है. 

हैवान का डायरेक्शन

हैवान के पहले हाफ में जहां सैफ अली खान और अक्षय कुमार की एक्टिंग इम्प्रेस करने में नाकामयाब रहती है तो वहीं प्रियदर्शन ओप्पम जैसा जादू चला नहीं पाते हैं. वहीं दूसरे हाफ में निराशाजनक डायरेक्शन कायम रहता है क्योंकि सैफ अली खान और अक्षय कुमार की एक्टिंग फिल्म की लय बना पाने में कामयाब नहीं हो पाते हैं. कहानी खींची खींची लगती है. जो फिल्म मलयालम में इम्प्रेसिव थी वो बॉलीवुड में भयंकर भूल बनती हुई नजर आ रही है. प्रियदर्शन का डायरेक्शन कमजोर लगता है. एक्टिंग तो इससे भी बड़ी कमजोरी है, जिसकी वजह गलत कास्टिंग है. फिल्म में ना तो थ्रिल है और ना ही कोई सस्पेंस. 

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