धर्म

Guru Purnima 2026: भूलकर भी गुरु को न दें ये 5 चीजें! जानें मान्यता


Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा का पर्व इस साल 29 जुलाई 2026, बुधवार को मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में यह दिन गुरु, शिक्षक और ज्ञान के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन लोग अपने गुरु का आशीर्वाद लेते हैं और उन्हें अपनी श्रद्धा के अनुसार उपहार या दक्षिणा देते हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु को उपहार देते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. कुछ वस्तुओं को गुरु को देना शुभ नहीं माना जाता है. आइए जानते हैं वे 5 चीजें जिन्हें गुरु पूर्णिमा पर गुरु को देने से बचने की मान्यता है.

काले रंग की वस्तुएं

गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु को काले रंग के कपड़े या अन्य काली वस्तुएं देने से बचने की मान्यता है. धार्मिक परंपराओं में गुरु को ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन हल्के और शुभ रंगों की वस्तुएं देना बेहतर माना जाता है.

टूटी या खराब वस्तु

गुरु को कभी भी टूटी, खराब या इस्तेमाल के लायक न रहने वाली वस्तु उपहार में नहीं देनी चाहिए. मान्यता है कि गुरु को सम्मानपूर्वक और साफ-सुथरी वस्तु ही अर्पित करनी चाहिए. यदि कोई वस्तु देने योग्य नहीं है तो उसे उपहार के रूप में देना उचित नहीं माना जाता.

पुरानी या फटी हुई वस्तुएं

गुरु पूर्णिमा पर फटे या बहुत पुराने कपड़े गुरु को देने से बचना चाहिए. गुरु को सम्मान और श्रद्धा का पात्र माना जाता है, इसलिए उपहार हमेशा अपनी सामर्थ्य के अनुसार नया और उपयोगी देने की परंपरा है.

नशे से जुड़ी चीजें

गुरु पूर्णिमा जैसे धार्मिक पर्व पर शराब, तंबाकू या अन्य नशीली चीजें गुरु को उपहार में देना उचित नहीं माना जाता. यह दिन ज्ञान, संयम और आध्यात्मिकता से जुड़ा है, इसलिए सात्विक वस्तुओं को प्राथमिकता देने की परंपरा है.

बिना श्रद्धा के दिया गया उपहार

धार्मिक मान्यता के अनुसार गुरु को दिया गया उपहार केवल दिखावे के लिए नहीं होना चाहिए. बिना श्रद्धा और सम्मान के दिया गया महंगा उपहार भी उतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, जितना सच्चे मन से दी गई छोटी-सी दक्षिणा.

इसलिए गुरु पूर्णिमा पर अपनी क्षमता के अनुसार फल, वस्त्र, पुस्तक, पूजा सामग्री या शिक्षा से जुड़ी उपयोगी वस्तु दी जा सकती है.

गुरु पूर्णिमा पर क्या देना माना जाता है शुभ?

गुरु पूर्णिमा पर गुरु को पुस्तक, कलम, पीले वस्त्र, फल, मिठाई या शिक्षा से जुड़ी उपयोगी सामग्री देने की परंपरा कई जगह देखने को मिलती है. इसके अलावा अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा देकर गुरु का आशीर्वाद लेना भी शुभ माना जाता है.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपहार से ज्यादा गुरु के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और श्रद्धा को महत्व दिया जाता है.

गुरु पूर्णिमा पर गुरु का आशीर्वाद क्यों जरूरी माना जाता है?

हिंदू परंपरा में गुरु को ज्ञान का मार्ग दिखाने वाला माना गया है. गुरु पूर्णिमा का उद्देश्य केवल गुरु को उपहार देना नहीं, बल्कि उनसे मिले ज्ञान और मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करना भी है.

इस दिन गुरु का सम्मान करने, उनके चरण स्पर्श करने और उनका आशीर्वाद लेने की परंपरा है.

एस्ट्रोलॉजर नीतिका शर्मा के अनुसार, गुरु पूर्णिमा पर गुरु को उपहार देने से ज्यादा महत्वपूर्ण श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता की भावना होती है. गुरु को ऐसी वस्तुएं देने से बचना चाहिए जो धार्मिक दृष्टि से अशुभ या असम्मानजनक मानी जाती हैं. उनकी सलाह है कि गुरु पूर्णिमा पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार पुस्तक, कलम, पीले वस्त्र, फल या कोई उपयोगी और सात्विक वस्तु गुरु को भेंट की जा सकती है.

FAQ

गुरु पूर्णिमा 2026 कब मनाई जाएगी?
गुरु पूर्णिमा 2026 में 29 जुलाई, बुधवार को मनाई जाएगी.

गुरु पूर्णिमा पर गुरु को क्या देना शुभ माना जाता है?
पुस्तक, कलम, फल, मिठाई, वस्त्र या शिक्षा से जुड़ी उपयोगी वस्तु श्रद्धा के अनुसार दी जा सकती है.

क्या गुरु पूर्णिमा पर काले कपड़े उपहार में दे सकते हैं?
कुछ धार्मिक मान्यताओं में गुरु पूर्णिमा पर काली वस्तुएं देने से बचने की सलाह दी जाती है.

गुरु पूर्णिमा पर गुरु को उपहार देना जरूरी है?
नहीं. गुरु पूर्णिमा का मुख्य भाव गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता है. सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा या सेवा करना भी पर्याप्त माना जाता है.

 गुरु पूर्णिमा पर गुरु का आशीर्वाद क्यों लिया जाता है?
गुरु को ज्ञान और सही मार्ग दिखाने वाला माना जाता है. इसलिए इस दिन उनका सम्मान करके आशीर्वाद लेने की परंपरा है.

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