धर्म

Aaj Ka Panchang 5 October 2026: आज दशमी श्राद्ध, इंदिरा एकादशी का व्रत कब रखें?


Aaj Ka Panchang: 5 अक्टूबर 2026, सोमवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी है. पितृपक्ष में आज दशमी तिथि वाले पितरों का श्राद्ध किया जाएगा. दिल्ली में पुष्य नक्षत्र रात तक रहेगा. इंदिरा एकादशी का व्रत आज नहीं, मंगलवार 6 अक्टूबर को है. सुबह राहुकाल 7:44 बजे से 9:12 बजे तक रहेगा.

आज पंचांग पढ़ते समय एक बात पर ध्यान देना जरूरी है. दशमी का समाप्ति समय रात 12 बजे के बाद का है. इसका अर्थ यह नहीं कि एकादशी का व्रत भी सोमवार को रखा जाएगा. वहीं पुष्य नक्षत्र होने से पूरे दिन को हर काम के लिए एक जैसा शुभ मानना भी सही नहीं होगा.

आज का पंचांग एक नजर में

  • वार-  सोमवार
  • तिथि-  कृष्ण दशमी, 6 अक्टूबर की सुबह 2:09 बजे तक
  • नक्षत्र-  पुष्य, रात 11:10 बजे तक
  • योग-  शिव, सुबह 9:51 बजे तक
  • चंद्र राशि-  कर्क
  • सूर्योदय-  सुबह 6:15 बजे
  • सूर्यास्त-  शाम 6:03 बजे
  • राहुकाल-  सुबह 7:44 से 9:12 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त-  सुबह 11:45 से दोपहर 12:33 बजे

ऊपर दिए समय नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार हैं. पूर्णिमांत गणना में आश्विन और अमांत गणना में भाद्रपद मास है. दोनों में कृष्ण पक्ष की दशमी ही रहेगी. मास के नाम अलग दिखने से तिथि या श्राद्ध की तारीख नहीं बदलती. इसे ध्यान में रखना होगा.

दशमी तिथि वाले पितरों का श्राद्ध आज करें

सबसे खास बात. पितृपक्ष में श्राद्ध का दिन पितरों की मृत्यु तिथि के अनुसार चुना जाता है. जिनका निधन दशमी तिथि पर हुआ था, उनका दशमी श्राद्ध सोमवार, 5 अक्टूबर को है. यहां तिथि का अर्थ हिंदू पंचांग की तिथि है, अंग्रेजी कैलेंडर की 10 तारीख नहीं.

आज दिन के समय दशमी बनी रहेगी. इसलिए रात में तिथि बदलने की जानकारी देखकर श्राद्ध को अगले दिन के लिए न टालें. परिवार की परंपरा के अनुसार तर्पण, पिंडदान और भोजन आदि का आयोजन करें.

इंदिरा एकादशी आज है या कल?

इंदिरा एकादशी का व्रत कल यानी मंगलवार 6 अक्टूबर को रखा जाएगा. पंचांग में दशमी का अंत अगले दिन तड़के (सुबह) 2 बजकर 9 मिनट और 26 सेकंड पर होगा. इसके बाद एकादशी शुरू होगी.  

यही वजह है कि पंचांग में 24 से बड़ी संख्या देखकर भ्रम हो सकता है. वह अगले दिन का समय बताती है. सोमवार को दशमी श्राद्ध और मंगलवार को इंदिरा एकादशी का व्रत दोनों अलग दिन हैं.

आज दिन में कब बदलेगा पंचांग?

  • सुबह 9:51 बजे: शिव योग समाप्त होगा.
  • दोपहर 3:01 बजे: वणिज करण समाप्त होकर विष्टि करण शुरू होगा.
  • रात 11:10 बजे: पुष्य नक्षत्र समाप्त होगा.
  • 6 अक्टूबर की सुबह 2:09 बजे: दशमी समाप्त होकर एकादशी शुरू होगी.

चंद्रमा आज कर्क राशि में रहेगा. रात को नक्षत्र बदलने का अर्थ चंद्र राशि का बदलना नहीं है. नक्षत्र और राशि पंचांग की अलग गणनाएं हैं. 

पुष्य नक्षत्र है, तो शुभ काम कब करें?

पुष्य नक्षत्र आज रात तक है, लेकिन किसी काम का मुहूर्त केवल नक्षत्र देखकर तय नहीं किया जाता. तिथि, करण और उस काम के लिए उपयुक्त समय भी देखना होता है.

दिल्ली में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45:53 बजे से दोपहर 12:33:02 बजे तक है. यमगण्ड दोपहर 12:09:27 बजे तक रहेगा. यानी दोनों समय कुछ देर साथ चलेंगे. इसलिए अभिजीत की पूरी अवधि को सभी बाधाओं से मुक्त समय बताना सही नहीं होगा. किसी बड़े संस्कार या आयोजन के लिए अलग मुहूर्त देखें. 

आज का राहुकाल और अन्य समय

  • राहुकाल सुबह 7:44:16 से 9:12:40 बजे
  • यमगण्ड सुबह 10:41:04 से दोपहर 12:09:27 बजे
  • गुलिक काल दोपहर 1:37:51 से 3:06:15 बजे
  • दुर्मुहूर्त दोपहर 12:33:02 से 1:20:11 बजे
  • दूसरा दुर्मुहूर्त दोपहर 2:54:28 से 3:41:37 बजे

चंद्रास्त दोपहर 2:46:59 बजे होगा. चंद्रोदय का समय 6 अक्टूबर की रात 1:41 बजे है. इसे 5 अक्टूबर की शाम का चंद्रोदय न समझें. 

आज की 3 जरूरी बातें

1. दशमी तिथि वाले पितरों का श्राद्ध आज है.
2. इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर को रखें.
3. पुष्य नक्षत्र के बावजूद शुभ काम का समय चुनते हुए अन्य पंचांग घटक भी देखें.

FAQ

5 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?
आश्विन कृष्ण दशमी है. संलग्न दिल्ली पंचांग के अनुसार यह 6 अक्टूबर की सुबह 2:09 बजे तक रहेगी.

दशमी श्राद्ध 2026 कब है?
दशमी श्राद्ध सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को है.

इंदिरा एकादशी का व्रत 5 या 6 अक्टूबर को है?
इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा.

5 अक्टूबर को दिल्ली में राहुकाल कब है?
सुबह 7:44 से 9:12 बजे तक.

5 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र कब तक है?
संलग्न पंचांग के अनुसार रात 11:10 बजे तक.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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