
IPS अविनाश पांडेय एसएसपी मेरठ को धमकियां मिल रही हैं. सोशल मीडिया पोस्ट और उनके सीयूजी नंबर पर कॉल के जरिए पुलिस सिस्टम को चुनौती दी जा रही है. कथित ऑडियो कॉल रिकार्डिंग वायरल भी हो रही है, जिसमें धमकी देने वाला यहां तक कह रहा है कि मुझे एसएसपी के साथ अकेले गाड़ी में बंद कर दो, फिर देखिए कौन आएगा निकलता है?
दरअसल, बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हाल ही मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को एसएसी अविनाश पांडे ने थप्पड़ मारे थे, जिनके कई वीडियो वायरल हुए. उसके बाद अब एसएसपी के सीयूजी नंबर पर धमकीभरा कॉल आया है. मीडिया की खबरों के अनुसार फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को अधिवक्ता बताते हुए एसएसपी को सीधे चुनौती दी है.
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बंदी वाहन की घटना पर जताई तीखी नाराजगी
एसएसपी के सीयूजी नंबर पर कॉल करने वाले ने मेरठ कलेक्ट्रेट में हुए प्रदर्शन के दौरान एसएसपी आईपीएस अविनाश पांडेय की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उस दौरान हिरासत में लिए गए रवि गौतम नाम के व्यक्ति के पास बंदी वाहन के अंदर जाते और फिर उसके थप्पड़ मारते दिखाई दिए थे. इसी घटना से नाराज होकर बुधवार रात एक शख्स ने एसएसपी के सरकारी नंबर पर फोन घुमा दिया. कॉल एसएसपी के पीआरओ इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने रिसीव की थी. बातचीत के दौरान कॉलर ने बेहद तीखे लहजे में कहा कि “जिस तरह एसएसपी बंदी वाहन में गए थे, उसी तरह एक बार मुझे भी एसएसपी के साथ अकेले गाड़ी में बंद कर दिया जाए, फिर देखा जाएगा कि बाहर कौन निकलता है.”
धमकी या विरोध? जांच में जुटी पुलिस
जब पीआरओ ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या वह एसएसपी को धमकी दे रहा है, तो कॉलर ने कहा कि वह धमकी नहीं दे रहा, बल्कि सिर्फ अपना विरोध दर्ज करा रहा है. कॉलर का दावा था कि वीडियो में एक अधिवक्ता के साथ मारपीट की गई है, जो पूरी तरह गलत है. उसने एसएसपी से आमने-सामने मुलाकात कराने की बात भी कही.

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इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया है. सर्विलांस और साइबर सेल को कॉल करने वाले की सटीक लोकेशन और पहचान की पुष्टि के लिए लगा दिया गया है. पुलिस ऑडियो की सत्यता की जांच कर रही है. हालांकि, इस पूरे मामले पर एसएसपी अविनाश पांडेय की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है.
एसएसपी अविनाश पांडेय ने सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों और हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस की हर कार्रवाई केवल अपराधियों के खिलाफ और साक्ष्यों के आधार पर की गई है. उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को जाति, दल या समुदाय से जोड़कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश न की जाए, क्योंकि कानून सभी के लिए समान है.
सपोर्ट वाले एक पेड़ लगाएं, विरोध वाले दो पेड़-मेरठ एसएसपी
एसएसपी ने कहा कि भ्रामक बयान देने, पुलिस की छवि खराब करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि बाहर से आकर माहौल खराब करने वाले लोगों के संबंध में भी पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. वहीं, वृक्षारोपण महोत्सव को लेकर एसएसपी ने कहा, “जो लोग मेरे सपोर्ट में हैं, वे एक पेड़ लगाएं और जो लोग मेरे विरोध या गुस्से में हैं, वे दो पेड़ लगाएं.” उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया.
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