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बिहार के सीतामढ़ी से सटे नेपाल के लोग आखिर पीएम बालेन शाह का पुतला क्यों जला रहे? | Bihar Sitamarhi Nepal border why people burning effigies of PM Balen Shah



भारत की सीमा से सटे नेपाल में बवाल अब बवंडर बन चुका है. बिहार के सीतामढ़ी से सटा नेपाल का इलाका है रौतहट. रौतहट जिले में मौलापुर नगरपालिका आती है. यहां के निवासियों ने बृहस्पतिवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह का पुतला भी फूंका. निवासियों ने केंद्र सरकार पर नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति न करके स्थानीय प्रशासन को ठप करने का आरोप लगाया. 

बालेन शाह की क्या है इसमें भूमिका

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुरेश बाबू घिमिरे का तबादला नगरपालिका में किया था, लेकिन उन्होंने कभी पदभार नहीं संभाला. बाद में मंत्रालय ने उन्हें वापस बुला लिया, लेकिन उनकी जगह किसी और को नियुक्त नहीं किया गया. इससे नगरपालिका बिना किसी शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी के रह गई है.

लोगों को इससे क्या हो रही दिक्कत

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के न होने से विकास कार्यों, बजट के इस्तेमाल, नगर पालिका के कर्मचारियों और शिक्षकों की सैलरी, सोशल सिक्योरिटी के भुगतान और दूसरी जरूरी सार्वजनिक सेवाओं में देरी हुई है. नगर पालिका स्कूल के शिक्षकों को कथित तौर पर लगभग छह महीनों से सैलरी नहीं मिली है. शिक्षकों ने पहले ‘पेन-डाउन’ विरोध प्रदर्शन किया था. 

मेयर ने कहा-जानबूझकर कर रहे

इसी कारण मल्टी-सेक्टर न्यूट्रिशन प्रोग्राम के लाभार्थियों (जिनमें गर्भवती महिलाएं और नई माएं शामिल हैं) को भी कथित तौर पर भुगतान नहीं मिला है. सफाई कर्मचारियों द्वारा बकाया सैलरी न मिलने पर काम बंद कर देने से कचरा प्रबंधन पर भी असर पड़ा है. मेयर रीना कुमारी साह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने बजट लागू करने के अहम चरण में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति न करके जानबूझकर प्रशासनिक संकट पैदा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह देरी नगर पालिका के कामकाज में बाधा डालने और बजट को लागू होने से रोकने के मकसद से की गई थी.

मौलापुर नगरपालिका के बारे में

नेपाल के रौतहट जिले में स्थित मौलापुर नगरपालिका एक प्रमुख स्थानीय प्रशासनिक इकाई है, जिसे 2016 में 9 पूर्व ग्राम विकास समितियों को मिलाकर बनाया गया था. यह मधेश प्रांत (पूर्व में प्रोविंस नं. 2) के अंतर्गत आती है. 2021 की जनगणना के अनुसार, यहां की कुल जनसंख्या 32,325 है. इसका कुल क्षेत्रफल 34.75 वर्ग किलोमीटर है.  प्रशासनिक रूप से यह नगरपालिका 9 वार्डों में विभाजित है. 

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