
Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन का इंतजार कर रहे करोड़ों शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है. गुरुवार से जम्मू से श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का पहला बैच श्रीनगर के लिए रवाना होगा. यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं.
साथ ही तीर्थयात्रियों के लिए जरूरी कट-ऑफ टाइमिंग, RFID कार्ड, KYC प्रक्रिया, ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन और यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. अगर आप इस साल बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो इन नियमों और समय-सीमा की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है.
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार:
श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 को लेकर डिविजनल कमिश्नर जम्मू रमेश कुमार और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस भीम सेन टूटी ने सिविल सोसाइटी, धार्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इस दौरान यात्रा के सफल संचालन और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई.
प्रशासन का कहना है कि जम्मू डिवीजन के उन सभी पांच जिलों में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, जहां से यात्रा मार्ग गुजरता है. इन व्यवस्थाओं में ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन, RFID कार्ड वितरण, KYC सेंटर, मेडिकल सुविधाएं, लंगर, स्वच्छता, पेयजल, बिजली और सुरक्षा जैसे सभी जरूरी इंतजाम शामिल हैं.
श्रद्धालुओं से गाइडलाइंस का पालन करने की अपील:
प्रशासन ने साफ रूप कहा है कि यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए सभी श्रद्धालुओं को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करना होगा.
अधिकारियों ने कहा कि नियमों का पालन करने से यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकता है और लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा.
लखनपुर एंट्री पर लागू रहेगी यह समय सीमा:
दूसरे राज्यों से सड़क मार्ग के जरिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लखनपुर प्रवेश द्वार पर विशेष व्यवस्था की गई है. प्रशासन के अनुसार तीर्थयात्री सुबह 6 बजे से रात 8 बजे के बीच ही लखनपुर में प्रवेश कर सकेंगे.
रात 8 बजे के बाद पहुंचने वाले यात्रियों को सरकार द्वारा बनाए गए निर्धारित विश्राम स्थलों पर रात में विश्राम करना होगा. इसके बाद अगले दिन तय समय के अनुसार आगे की यात्रा जारी रखी जाएगी.
RFID कार्ड और KYC कराना क्यों है जरूरी?
ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालु लखनपुर, चीची माता मंदिर, सांबा, जम्मू रेलवे स्टेशन, तवी रिवरफ्रंट, भगवती नगर यात्री निवास और उधमपुर रेलवे स्टेशन सहित कई निर्धारित केंद्रों से अपना RFID कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा रामबन के चंदरकोट और बनिहाल में भी RFID कार्ड उपलब्ध रहेंगे.
प्रशासन ने साफ कहा है कि सभी यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी. साथ ही यात्रा काफिले में शामिल होने से एक दिन पहले रात 10 बजे तक भगवती नगर यात्री निवास पहुंचने से पहले RFID टैग लेना अनिवार्य रहेगा. यही टैग यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैकिंग व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा.
निजी वाहन से जाने वालों के लिए कट-ऑफ टाइमिंग:
अगर श्रद्धालु अपने निजी वाहन से श्रीनगर की ओर जा रहे हैं, तो उन्हें ट्रैफिक विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करना होगा.
निर्धारित समय के अनुसार यात्रियों को सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच नगरोटा पार करना होगा. इसके बाद दोपहर 1 बजे तक जखनी, दोपहर 2 बजे तक चंदरकोट और अधिकतम दोपहर 3 बजे तक बनिहाल पार करना जरूरी होगा. इन समय सीमाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी वाहन दिन के उजाले में सुरक्षित रूप से कश्मीर घाटी में प्रवेश कर सकें.
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जम्मू में ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी शुरू:
जिन श्रद्धालुओं ने पहले से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए जम्मू के तवी रिवरफ्रंट पर मुख्य ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाया गया है. यहां बुधवार सुबह से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है.
भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है ताकि प्रतिदिन निर्धारित संख्या में श्रद्धालुओं का पंजीकरण सुचारु रूप से किया जा सके. इसके अलावा आम श्रद्धालुओं के लिए महाजन सभा तथा साधु-संतों के लिए गीता भवन और पुरानी मंडी में भी अलग रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाए गए हैं.
55 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था:
प्रशासन ने इस साल लगभग 55 हजार तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की है. इसमें सरकारी आवास, अस्थायी शिविर और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सहयोग से बनाए गए विश्राम स्थल शामिल हैं.
सभी स्थानों पर लंगर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और साफ-सफाई की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके अलावा यात्री निवासों, विश्राम स्थलों और राष्ट्रीय राजमार्ग-44(NH 44) पर लगभग 2100 शौचालय भी तैयार किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
जम्मू घूमने का भी मिलेगा मौका:
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग ने एक विशेष पहल भी की है. सुचेतगढ़ बॉर्डर, घराना वेटलैंड, अखनूर फोर्ट, रघुनाथ बाजार, बहू फोर्ट और महामाया मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के भ्रमण के लिए चार विशेष वातानुकूलित बस सेवाएं शुरू की गई हैं. इन बसों में गाइड और रिफ्रेशमेंट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी.
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