

महाराष्ट्र की राजनीति में ऑपरेशन टाइगर की सफलता के बाद अब ऑपरेशन टाइगर 3.0 को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं. इसी बीच शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ऑपरेशन 3.0 की शुरुआत हो चुकी है. थोड़ा इंतजार कीजिए, 14 से अधिक विधायक हमारे साथ आएंगे.
गुलाबराव पाटिल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के छह लोकसभा सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए. इस घटनाक्रम को शिवसेना ने ऑपरेशन टाइगर की सफलता बताया था, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक दबाव और तोड़फोड़ की राजनीति करार दिया.
जब शिंदे दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं…
अपने चिर-परिचित अंदाज में गुलाबराव पाटिल ने कहा कि ऑपरेशन 3.0 की शुरुआत हो चुकी है. थोड़ा इंतजार कीजिए, 14 से अधिक विधायक साथ आएंगे. एकनाथ शिंदे कुछ बोलते नहीं, बस अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं. यह बात खुद उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने भी स्वीकार की है. जब-जब एकनाथ शिंदे अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरते हैं, तब-तब ‘ऑपरेशन टाइगर’ सफल होता है.” उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
ऑपरेशन टाइगर के बाद अब अगला लक्ष्य विधायक?
शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि लोकसभा सांसदों के बाद अब कई विधायक भी उनके संपर्क में हैं. इससे पहले भी शिवसेना एमएलसी कृपाल तुमाने ने दावा किया था कि कई सांसद और विधायक शिंदे गुट के संपर्क में हैं. बाद में छह सांसदों के शामिल होने से यह दावा काफी हद तक सही साबित हुआ. छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद अब चर्चा इस बात की है कि अगला राजनीतिक घटनाक्रम विधानसभा स्तर पर देखने को मिल सकता है. हालांकि, अभी तक किसी भी विधायक ने सार्वजनिक रूप से दल बदलने की पुष्टि नहीं की है.
ऑपरेशन टाइगर कैसे बना चर्चा का विषय?
ऑपरेशन टाइगर पिछले कुछ हफ्तों से महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे चर्चित राजनीतिक अभियान बना हुआ है. पहले शिंदे गुट के नेताओं ने दावा किया था कि उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद उनके संपर्क में हैं. इसके बाद छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने से इस अभियान को बड़ी सफलता मिली. उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इसे एक सफल अभियान बताया, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संकेत दिए कि राजनीतिक घटनाक्रम अभी समाप्त नहीं हुआ है.
विपक्ष का पलटवार
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे गुट लगातार इन दावों को खारिज करता रहा है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान केवल भ्रम फैलाने और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए दिए जा रहे हैं. हालांकि, छह सांसदों के दल बदलने के बाद विपक्ष के सामने संगठनात्मक चुनौती और बढ़ गई है.
क्या ऑपरेशन 3.0 वास्तव में शुरू हो गया है?
फिलहाल गुलाबराव पाटिल के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी विधायक ने सार्वजनिक रूप से शिंदे गुट में शामिल होने की घोषणा की है. लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और शिंदे गुट के लगातार दावों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है. आने वाले दिनों में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ऑपरेशन टाइगर 3.0 केवल राजनीतिक बयानबाजी है या वास्तव में महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़े बदलाव की भूमिका तैयार हो चुकी है.
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