

चंडीगढ़:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को अपने कथित विवादित वीडियो पर कहा कि उन्हें धार्मिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए घटिया सियासी हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है. मान ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा के लैब मालिकों को डराकर कहलवाया जा रहा है कि हमने 10 लाख रुपये देकर रिपोर्ट बनवाई थी.
क्या है मामला?
दरअसल, भगवंत मान का एक कथित वीडियो सामने आया था. इस वीडियो के सामने आने के बाद सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने मान को ‘पंथ विरोधी’ करार दिया था. वहीं, भगवंत मान का दावा है कि वह वीडियो फर्जी है.
इसी बीच हरियाणा पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट को 10 लाख रुपये की रिश्वत देने का आरोप है. आरोप है कि उन्होंने एक फोरेंसिक एक्सपर्ट को रिश्वत देकर वीडियो को फेक बताने की रिपोर्ट बनवाई थी.
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भगवंत मान का क्या है कहना?
इसी बात को लेकर बुधवार को भगवंत मान ने कहा कि हमने फोरेंसिक लैब से जांच करवाई थी. अब ये लैब के मालिकों को FIR का डर दिखाकर कहलवाना चाहते हैं कि हमने 10 लाख रुपये देकर रिपोर्ट बनवाई. उन्होंने कहा कि धार्मिक रूप बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.
मान ने दावा किया कि उनका फर्जी वीडियो वायरल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वीडियो को वायरल करके मुझे दोषी करार दे दिया गया. उन्होंने दावा किया कि वीडियो पूरी तरह से नकली है.
झूठा प्रचार करने के अलावा विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है।
आम आदमी पार्टी की जनसभाओं और लोक मिलनियों में उमड़ रही भारी भीड़ से बौखलाया विपक्ष अब झूठी और फर्जी वीडियो के सहारे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन वह चाहे जितनी साज़िशें कर ले, जनता सब कुछ देख और समझ रही… pic.twitter.com/aWaQBWT5dX
— AAP (@AamAadmiParty) June 24, 2026
उन्होंने कहा कि विरोधियों को झूठ फैलाने के अलावा और कोई मुद्दा नहीं आता. विरोधी धार्मिक तौर पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने अब संगत पर फैसला छोड़ दिया है.
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मैं पंजाब के हक में खड़ा हूंः मान
उन्होंने कहा कि हमने वीडियो की जांच करवाई तो हमारी रिपोर्ट नकली लेकिन उन्होंने जांच करवाई तो उनकी रिपोर्ट असली है. उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के बाहर मेरे पोस्टर लगाने की बात कर रहे हैं, लेकिन सुखबीर बादल के पोस्टर क्यों नहीं लगे? उन्होंने तो बेअदबी के दोषों को माना था.
उन्हंने कहा कि मैं सच्चे दिल से पंजाब के हक में खड़ा हूं. क्या कोई इतनी घटिया हरकत अपने सपने में भी करने की सोच सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल सिर्फ AI तक सीमित हो गई है, क्योंकि बीजेपी और अकाली दल का साझा मोर्चा बन गया है.
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