
दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को लेकर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि रैली में लोगों का भारी उत्साह और समर्थन देखने को मिला. उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिशें की गई हैं. राहुल गांधी लगातार जिन मुद्दों को उठा रहे थे, वे अब सच साबित हो रहे हैं.
नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए हर हथकंडा अपनाया गया. ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया और एजेंसियों को अपने साथ चलाकर लोगों को डराने-धमकाने का काम किया गया. उन्होंने चुनाव में एसआईआर के जरिए वोट चोरी होने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए. चौहान ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं. लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचे.
बीजेपी की पदयात्रा पर साधा निशाना
शिमला में बीजेपी की पदयात्रा को लेकर नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस के प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन से बीजेपी परेशान है. अब लोगों को जुटने से रोकने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को झंडे देकर समानांतर कार्यक्रम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता का मन कुछ और है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ही प्रदेश में अराजकता फैलाने का काम कर रही है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के हिमाचल दौरे पर चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर उनका स्वागत है, लेकिन उन्होंने लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा को हिमाचल आने के बजाय अपने पड़ोसी राज्य मणिपुर जाना चाहिए था, जहां हालात गंभीर हैं. वह अरुणाचल प्रदेश भी जा सकते थे. उन्होंने कहा कि हिमाचल में बीजेपी का मॉडल नहीं चलने वाला और हिमंता के दौरे से स्पष्ट है कि विपक्ष के पास प्रदेश में उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है.
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हिमाचल के 1500 करोड़ रुपये कब देगी केंद्र सरकार?
नरेश चौहान ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सर्वे करवा चुके हैं, जिसमें हिमाचल में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना नहीं है. उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि हिमाचल प्रदेश के 1500 करोड़ रुपये कब जारी किए जाएंगे. चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रदेश के वित्तीय हितों और बकाया राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.