
मध्य प्रदेश में इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित ‘पहचान नशा मुक्ति केंद्र’ में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. जहां सचिन लोधी नामक युवक ने केंद्र के अंदर वाशरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद न केवल रिहेब सेंटर की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, बल्कि इलाज करा रहे दर्जनों मरीज भी मौके से फरार हो गए.
घटना की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. परिजनों ने युवक की मौत पर संदेह जताया है और संचालक पर कार्रवाई की मांग की है.
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क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, सचिन सुबह नहाने का बोलकर वॉशरूम में गया और वहां जाकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जब वह 1 घंटे तक बाहर नहीं निकला तो सिक्योरिटी गार्ड दरवाजा तोड़कर सचिन को फंदे से उतारा और तुरंत उसे एम वाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मामले में मृतक के जीजा केशव लोधी ने आरोप लगाया कि सचिन को करीब एक महीने तीन दिन पहले इस केंद्र में भर्ती कराया गया था.
परिजनों के मुताबिक, घटना की सुबह ही उन्होंने केंद्र में पैसे और डिपाजिट जमा किए थे, जिसके कुछ ही देर बाद उन्हें फोन पर सूचना मिली कि सचिन ने आत्महत्या कर ली है. परिजनों ने केंद्र संचालकों पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया है.
अन्य मरीज भाग गए
रिहेब सेंटर के सुरक्षा अधिकारी बिट्टू ने बताया कि सचिन को सुबह नहाने के लिए भेजा गया था, इसी दौरान उसने अंदर से दरवाजा बंद कर आत्महत्या कर ली. बिट्टू ने बताया कि इस दौरान सेंटर में इलाज कर रहा है अन्य मरीज भी मौके का फायदा उठाकर भाग गए.
पुलिस ने शुरू की जांच
रावजी बाजार थाना प्रभारी मनीष मिश्र ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मुकदमा कायम कर लिया है. थाना प्रभारी ने खुलासा किया कि जब सेंटर के लोग मृतक को अस्पताल लेकर जा रहे थे, तब वहाँ इलाज करा रहे सत्तर से अधिक मरीज मुख्य गेट का ताला और बाउंड्रीवॉल फांदकर भाग निकले. पुलिस रिहेब सेंटर के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार मरीजों की तलाश के साथ-साथ उनके परिजनों से संपर्क कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी है.
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