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Aaj Ka Panchang 27 October 2026: कार्तिक का पहला दिन, सर्वार्थ सिद्धि और त्रिपुष्कर योग कब से? जानें राहुकाल


Aaj Ka Panchang: कार्तिक का महीना आज से शुरू हो रहा है. सुबह स्नान-पूजा और शाम को दीपदान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार, 27 अक्टूबर का दिन खास है. दोपहर से सर्वार्थ सिद्धि और त्रिपुष्कर योग भी बनेंगे. हालांकि, इनकी शुरुआत राहुकाल के बीच होगी. इसलिए नया काम शुरू करने से पहले दोनों का समय देख लें.

नई दिल्ली-NCR के पंचांग के अनुसार सुबह 7:01 बजे प्रतिपदा समाप्त होकर द्वितीया लग जाएगी. दोपहर में नक्षत्र बदलेगा और रात को चंद्रमा मेष से वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. आज पूजा, शुभ मुहूर्त और चंद्र गोचर के लिए अलग-अलग समय ध्यान में रखने होंगे.

कार्तिक के पहले दिन पूजा और दीपदान कब करें?

उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार 27 अक्टूबर से कार्तिक मास शुरू है. इस महीने स्नान, भगवान विष्णु की आराधना, तुलसी पूजन और दीपदान की परंपरा है.

सुबह जल्दी पूजा करने वालों के लिए ब्रह्म मुहूर्त 4:47 से 5:38 बजे तक है. सूर्योदय सुबह 6:29 बजे होगा. शाम को घर में दीप जलाने के लिए गोधूलि मुहूर्त 5:40 से 6:06 बजे तक रहेगा.

सुबह जल्दी उठना संभव न हो तो स्नान के बाद अपनी सुविधा से नियमित पूजा कर सकते हैं. कार्तिक की दैनिक पूजा के लिए केवल प्रतिपदा तिथि रहने तक का समय मानना जरूरी नहीं है.

अमांत पंचांग मानने वाले क्षेत्रों में अभी आश्विन मास रहेगा. वहां कार्तिक की शुरुआत अलग तारीख से होगी. यह महीने की गणना का अंतर है.

दो शुभ योग एक साथ, लेकिन शुरुआत में राहुकाल

आज दोपहर 3:39 बजे से सर्वार्थ सिद्धि और त्रिपुष्कर योग शुरू होंगे. इसी समय भरणी नक्षत्र समाप्त होकर कृत्तिका लगेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग 28 अक्टूबर की सुबह 6:30 बजे तक रहेगा. त्रिपुष्कर योग उससे पहले, तड़के 4:06 बजे समाप्त हो जाएगा.

इन योगों को परंपरा में शुभ कार्यों के लिए महत्व दिया जाता है. हालांकि, आज राहुकाल दोपहर 2:52 से शाम 4:16 बजे तक है. यानी दोनों योगों के शुरुआती 37 मिनट राहुकाल में पड़ेंगे.

राहुकाल से बचकर नई शुरुआत करने वाले शाम 4:16 बजे के बाद का समय देख सकते हैं. विवाह, गृहप्रवेश या दूसरे संस्कारों के लिए केवल इन योगों के आधार पर मुहूर्त तय नहीं किया जाता.

आज प्रतिपदा है या द्वितीया?

सूर्योदय पर प्रतिपदा रहेगी, लेकिन सुबह 7:01 बजे द्वितीया शुरू हो जाएगी. इसलिए दिन में पूजा का संकल्प करते समय द्वितीया तिथि आएगी.

द्वितीया 28 अक्टूबर को तड़के 4:06 बजे तक रहेगी. इसके बाद तृतीया शुरू होगी. यही वजह है कि सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के पंचांग में तीन तिथियां दिखाई देंगी. इसका मतलब यह नहीं कि कैलेंडर की 27 अक्टूबर की तारीख में ही तीनों तिथियां शुरू हो रही हैं.

27 अक्टूबर का पूरा पंचांग

वार और पक्ष- मंगलवार, कृष्ण पक्ष
मास पूर्णिमांत- कार्तिक, अमांत आश्विन
तिथि- प्रतिपदा सुबह 7:01 तक, फिर द्वितीया
नक्षत्र- भरणी दोपहर 3:39 तक, फिर कृत्तिका
योग- सिद्धि सुबह 10:53 तक, फिर व्यतीपात
सूर्य राशि- तुला
चंद्र राशि- मेष रात 9:06 तक, फिर वृषभ
सूर्योदय-सूर्यास्त: सुबह 6:29–शाम 5:40
चंद्रोदय-चंद्रास्त: शाम 6:23–सुबह 7:31

करण में कौलव सुबह 7:01 तक, तैतिल शाम 5:35 तक और गरज 28 अक्टूबर तड़के 4:06 बजे तक रहेगा. इसके बाद वणिज करण लगेगा. आज भद्रा, नक्षत्र आधारित पंचक और गंडमूल नहीं है.

अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल कितने बजे हैं?

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:42–दोपहर 12:27
विजय मुहूर्त- दोपहर 1:57–2:41
अमृत काल- सुबह 11:15–दोपहर 12:43
राहुकाल- दोपहर 2:52–शाम 4:16
यमगण्ड- सुबह 9:17–10:41
गुलिक- दोपहर 12:05–1:29
दुष्टमुहूर्त- सुबह 8:44–9:28 और रात 10:48–11:39
वर्ज्य- 28 अक्टूबर तड़के 2:32–3:59
निशिता मुहूर्त- रात 11:39–28 अक्टूबर रात 12:31

रात को चंद्रमा बदलेगा राशि

दोपहर में कृत्तिका नक्षत्र आने के बाद भी चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे. वृषभ राशि में उनका प्रवेश रात 9:06 बजे होगा. इसलिए नक्षत्र परिवर्तन और राशि परिवर्तन का समय एक न मानें.

आज मासिक कार्तिगाई भी है. यह कृत्तिका नक्षत्र से जुड़ा पर्व है, जबकि कार्तिक मास चंद्र महीने का नाम है.

आज की 3 जरूरी बातें

1. कार्तिक के पहले दिन शाम की गोधूलि 5:40 से 6:06 बजे तक है.
2. दोनों शुभ योग दोपहर 3:39 बजे लगेंगे. राहुकाल शाम 4:16 बजे समाप्त होगा.
3. सुबह 7:01 बजे द्वितीया और रात 9:06 बजे वृषभ राशि में चंद्रमा का प्रवेश होगा.

यह पंचांग नई दिल्ली के समय और पंचांग की गणना के आधार पर तैयार किया गया है. स्थान बदलने पर सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, चंद्रोदय और स्थानीय मुहूर्त में अंतर हो सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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