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56 साल पुराना रेखा का वो गाना जिसकी गन्ने के खेतों मे हुई शूटिंग, कानों में झुमके और कमर पर लहराती चोटी, रफी की आवाज ने बनाया अमर | rekha 56 year old romantic song kaan me jhumka chaal me thumka shot in sugarcane fields mohammad rafi voice made it iconic



नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा के पुराने गानों की बात हो और रेखा की दिलकश अदाओं का जिक्र न आए, ऐसा कैसे हो सकता है. 70 के दशक में एक गाना ऐसा आया था, जिसमें न बड़े-बड़े सेट थे और न ही भव्य लोकेशन का तामझाम. गन्ने के खेत, रेखा का चुलबुला अंदाज और मोहम्मद रफी की दमदार आवाज ने इसे यादगार बना दिया. फिल्म ‘सावन भादों’ का ‘कान में झुमका, चाल में ठुमका’ आज भी पुराने हिंदी फिल्मी गानों के शौकीनों को उस दौर की याद दिलाता है. ये गाना रेखा के करियर के शुरुआती दौर का था. इस फिल्म में रेखा के साथ नवीन निश्चल ने काम किया था. मोहन सहगल के निर्देशन में बनी इस फिल्म के गाने के बोल वर्मा मलिक ने लिखे थे और संगीत तैयार किया था सोनिक-ओमी ने.

गाने की शूटिंग गन्ने के खेतों और नही कि किनारे खुले मैदानो में की गई थी. मोहम्मद रफी की दमदार आवाज के साथ शरारती अंदाज ने इस गाने को एक अलग ही पहचान दी. गाने के बोल, इसका संगीत और रफी साहब की आवाज में ये गाना सिर्फ उस दौर में ही नहीं बल्कि आज के समय में भी लोगों को बेहद पसंद आता है. गाने के बोल इस तरह हैं- 

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आए हाय,
कान में झुमका, चाल में ठुमका, कमर पे चोटी लटके
हो गया दिल का, पुरजा-पुरजा, लगे पचासी झटके
हो, तेरा रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला
रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला
कान में झुमका, चाल में ठुमका, कमर पे चोटी लटके
हो गया दिल का, पुरजा-पुरजा, लगे पचासी झटके
हो, तेरा रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला
रंग है नशीला, अंग-अंग है नशीला

रेखा की अदाएं और नवीन निश्चल की मस्ती

इस गाने में खास बनाने में सिर्फ गाने के बोल, संगीत और रफी साहब की आवाज ही नहीं थी. बल्कि इस गाने को खास बनाने में रेखा का चुलबुला अंदाज भी था. उनके झुमके, चाल और चेहरे के हावभाव गाने के बोलों के साथ बिल्कुल परफेक्ट मैच करते हैं. रेखा के साथ ही नवीन निश्चल भी अपने अलग अंदाज और डांस के साथ गाने की मस्ती को आगे बढ़ाते हैं. पर्दे पर दोनों के बीच की केमिस्ट्री इसको हल्की-फुल्की मस्ती के साथ एंटरटेनिंग भी बनाती है. 

रफी की आवाज का जादू

इस गाने को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज से ऐसा सजाया कि इतने सालों बाद भी ये कपल्स के फेवरेट गानों की लिस्ट में शामिल है. रफी साहब की गायिकी का शरारती अंदाज और गाने के हर बोल इसको एक अलग ही रंग में भर देते हैं. सोनिक-ओमी का संगीत और वर्मा मलिक के बोल मिलकर इसे ऐसा गीत बनाते हैं, जिसे सुनने में आज भी वही पुरानी मस्ती महसूस होती है. फिल्म ‘सावन भादों’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था.





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