

राहुल गांधी के सोमवार के कार्यक्रम को भीड़ और राजनीतिक संदेश, दोनों के लिहाज से सफल माना जा सकता है. INDIA गठबंधन के लगभग सभी प्रमुख दलों ने इसमें भाग लिया और संयुक्त रूप से अपनी ताकत दिखाई. इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि इसकी योजना महज एक दिन पहले यानी रविवार को ही तैयार कर ली गई थी. गठबंधन के सभी घटक दलों के नेताओं को इसकी सूचना भी दे दी गई थी.
इस बार नहीं लेना चाहती थी कांग्रेस कोई जोखिम
सब कुछ योजना के मुताबिक होना था. इसकी बड़ी वजह यह भी थी कि इससे पहले कनॉट प्लेस के सागर रत्ना में लंच के बाद हुए प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई थी. इसके अगले ही दिन उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस पर “एकला चलो रे” की नीति अपनाने का आरोप लगाया था. यही कारण था कि इस बार कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहती थी. उसे सप्ताहांत का फायदा भी मिल गया.
रविवार रात से ही शुरू हो गई थीं तैयारियां
जैसे ही यह खबर सामने आई कि सोमवार को INDIA गठबंधन के नेता पहले एक जगह एकत्र होंगे और फिर बसों से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, वैसे ही रविवार रात से नेताओं के दिल्ली आने की खबरें आने लगीं. जानकारी मिली कि तेजस्वी यादव भी शामिल होंगे. मुंबई से खबर आई कि शिवसेना (यूबीटी) की ओर से संजय राउत समेत कई सांसद दिल्ली पहुंच रहे हैं. जब समाजवादी पार्टी के नेताओं से बात हुई तो उन्होंने बताया कि “भैया” यानी अखिलेश यादव भी मार्च में शामिल होंगे.
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जुटने लगे नेता
सोमवार सुबह जब हम कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे तो वहां लाल टोपी पहने समाजवादी पार्टी के कई सांसद नजर आए. रामगोपाल यादव से लेकर धर्मेंद्र यादव तक कई नेता मौजूद थे, लेकिन अखिलेश यादव दिखाई नहीं दिए. हालांकि जब प्रदर्शनकारियों का काफिला खुले ट्रक पर सवार हुआ तो अखिलेश यादव भी अचानक नजर आए. माना गया कि वे उत्तर प्रदेश के अपने सुबह के कार्यक्रम पूरे करने के बाद सीधे दिल्ली पहुंचे थे.
राहुल गांधी ने दिया संक्षिप्त संदेश
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन के नेताओं का पहुंचना लगातार जारी रहा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले से ही दिल्ली में मौजूद थीं. सभी नेताओं के जुटने के बाद राहुल गांधी ने कोई लंबा भाषण नहीं दिया. उन्होंने केवल इतना कहा कि सभी को बसों में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक जाना है. सांसदों की संख्या अधिक होने के कारण इस बार पांच बसों का इंतजाम किया गया था.
बाराखंबा रोड से शुरू हुआ विरोध मार्च
बसों का काफिला बाराखंबा रोड पहुंचा, जहां कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले समेत कई वरिष्ठ नेता खुले ट्रक पर सवार होकर आगे बढ़े.
जब काफिला मंडी हाउस गोलचक्कर के पास पहुंचा तो भगवान दास रोड पर पुलिस ने उसे रोक दिया. इस दौरान पुलिस और INDIA गठबंधन के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. हालांकि पुलिस ने उन नेताओं को आगे जाने की अनुमति दे दी जिन्हें सुप्रीम कोर्ट पहुंचना था.
इसके बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर आगे सुनवाई होनी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि INDIA गठबंधन का सोमवार का कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा.
अब आगे क्या होगा?
सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि आगे की रणनीति क्या होगी. राहुल गांधी चुनाव आयोग जाने की कोशिश कर चुके हैं. वे राष्ट्रपति से भी मुलाकात कर चुके हैं और अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुके हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगला कदम क्या होगा. अभी एक प्रमुख संस्थान बचता है, मानवाधिकार आयोग.
जब राहुल गांधी से पूछा गया कि अब आगे क्या होगा, तो उन्होंने कहा, “मैं शिव का भक्त हूं और तांडव होगा.” इस बयान के बाद कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अगले कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है. अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाली संभावित राजनीतिक गतिविधियों पर है.





