

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में वनकर्मियों की सूझबूझ और फुर्ती ने एक बड़े हादसे को टाल दिया है. नक्सलबाड़ी और बागडोगरा के बीच रेलवे ट्रैक पर 70 से ज्यादा हाथियों का विशाल झुंड गुजर रहा था, तभी उसी रूट पर सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के आने की सूचना मिली. कुछ ही पलों की देरी दर्जनों हाथियों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन वनकर्मियों ने लाल कपड़ा लहराकर ट्रेन को रोक दिया और संभावित हादसा टल गया.
घटना उस समय हुई जब हाथियों का बड़ा झुंड जंगल से निकलकर रेलवे लाइन पार कर रहा था. इसी दौरान सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस उसी ट्रैक की ओर बढ़ रही थी. हाथियों और ट्रेन के बीच टक्कर की आशंका को भांपते ही मौके पर मौजूद वन विभाग के कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई की. उन्होंने लाल कपड़ा लहराकर लोको पायलट को खतरे का संकेत दिया. वनकर्मियों का इशारा मिलते ही ट्रेन की रफ्तार कम की गई और उसे समय रहते रोक लिया गया.
घटना का वीडियो भी सामने आया
ट्रेन रुकने के बाद हाथियों का पूरा झुंड आराम से और सुरक्षित तरीके से रेलवे ट्रैक पार कर सका. इसके बाद जब सभी हाथी ट्रैक से दूर निकल गए, तब ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई. वन अधिकारियों की सतर्कता की वजह से न सिर्फ 70 से अधिक हाथियों की जान बच गई, बल्कि एक बड़ी रेल दुर्घटना की संभावना भी खत्म हो गई.
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रैक के पास मौजूद वनकर्मी ट्रेन को रोकने का संकेत देते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में हाथियों के बड़े झुंड को धीरे-धीरे रेलवे लाइन पार करते देखा जा सकता है.
उत्तर बंगाल के जंगलों और रेलवे मार्गों के आसपास हाथियों की आवाजाही आम बात है, लेकिन ऐसी घटनाएं बड़ी दुर्घटना की चितांओं को लेकर भी सवाल उठाते हैं.
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