
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता कमलनाथ ने कहा कि वोट चोरी भारतीय लोकतंत्र के सामने एक अत्यंत गंभीर समस्या बन गई है. हमारे नेता श्री राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि निर्वाचन आयोग निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और ईमानदार बनाने के लिए काम करने को तैयार नहीं है. निर्वाचन आयोग का रवैया लगातार सच्चाई को नकारने का रहा है.
अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी देश भर में चुनाव आयोग की मनमानी, मतदाताओं से उनका मताधिकार छीने जाने और लोकतंत्र तथा संविधान की हत्या के ख़िलाफ़ जनता को जागरूक कर रही है.
यह सिर्फ एक पार्टी का मामला नहीं- कमलनाथ
पूर्व सीएम ने कहा, “मैं देश और प्रदेश की जनता से आग्रह करना चाहता हूं कि यह सिर्फ़ किसी एक पार्टी का मामला नहीं है, बल्कि देश में लोकतंत्र के अस्तित्व के लिए बहुत बड़ा खतरा है, इसलिए सभी लोगों को इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए.”
इंडिया गठबंधन की बैठक में क्या हुआ फैसला?
बता दें कि इंडिया गठबंधन की बैठक में ये फैसला हुआ है कि इसके घटक दल 2 अक्टूबर से लेकर 8 अक्टूबर तक जिले के डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन करेंगे. वहीं 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी दलों के सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के सांसद राष्ट्रपति से भी मुलाकात का समय मांगेंगे.
इंडिया गठबंधन ने इस बात पर जोर दिया कि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराए जाएं। गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्षने कहा कि सभी नेताओं ने मिलकर लड़ाई लड़ने की बात की है. उन्होंने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह निर्वाचन आयोग का ‘कठपुतली’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.
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