
हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बीजेपी और चुनाव आयोग को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी के पास अब जनता के बीच उठाने के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कानून में बदलाव कर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को कमजोर किया है.
इसके अलावा सिंह ने हिमाचल कांग्रेस में अनुशासन को लेकर चल रही खींचतान के बीच प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के नसीहत वाले बयान का भी जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि अनुशासन सभी पर एक समान लागू होता है.
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‘ज्ञानेश कुमार बीजेपी की कठपुतली’
उन्होंने कहा कि अब सारी बीजेपी ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए मैदान पर उतरी है, जिससे साफ होता है ज्ञानेश कुमार बीजेपी की कठपुतली हैं. वोट चोरी कर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश बीजेपी करती रही है. नेगी ने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका होती थी, लेकिन अब व्यवस्था बदल दी गई है. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए.
कांग्रेस प्रभारी की नसीहत पर पलटवार
नेगी ने कांग्रेस के भीतर अनुशासन और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की नसीहत पर पलटवार करते हुए कहा कि अनुशासन केवल उन पर ही लागू नहीं होता, बल्कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर समान रूप से लागू होता है. उन्होंने कहा कि वो हमेशा पार्टी मंच पर अपनी बात रखते आए हैं और कांग्रेस के सच्चे सिपाही के रूप में पार्टी हित में ही बोलते हैं.
राजनीतिक मतभेदों और ‘स्लीपर सेल’ संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का मनोबल तब गिरता है जब स्लीपर सेल, भगौड़ों और जयचंदों को महत्वपूर्ण पद दिए जाते हैं और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जाती है.
मंत्रिमंडल विस्तार पर क्या बोले?
मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल के सवाल पर नेगी ने कहा कि ये मुख्यमंत्री और पार्टी हाईकमान का विशेषाधिकार है. हालांकि, यदि कोई निर्णय लिया जाना है तो उसे जल्द किया जाना चाहिए ताकि अनिश्चितता समाप्त हो सके.
नौतोड़ मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रकरण पिछले साढ़े तीन वर्षों से राज्यपाल के पास लंबित है. उनके अनुसार विधानसभा से पारित विधेयकों या संवैधानिक मामलों पर निर्धारित समय में निर्णय न होना संविधान की भावना और गरिमा के अनुरूप नहीं है.