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दिल्ली-NCR के 35 जिलों में 1 अक्टूबर से बिना PUCC पेट्रोल नहीं; 10 हजार का चालान, प्रदूषण जांच कराने में रखें इन 5 बातों का ध्यान | Delhi NCR No PUCC No Fuel Oct 1 Rule get Pollution Under Control Certificate Online Verification mParivahan App



Pollution Under Control Certificate Online Verification: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए प्रशासन और परिवहन विभाग ने एक अक्टूबर से बेहद सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है. असके साथ ही अब दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) के पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा.

अगर आप भी अपनी कार, बाइक या किसी दूसरे वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र बनवाने जा रहे हैं, तो फर्जी सर्टिफिकेट, गलत ऑनलाइन एंट्री और 10,000 रुपये के भारी जुर्माने से बचने के लिए नीचे दर्ज 5 बड़ी गलतियों को करने से बचें.

प्रदूषण जांच कराते समय न करें ये 5 गलतियां

अनधिकृत या फर्जी सेंटर से जांच करवाना

  • गलती: रास्ते में मिलने वाले किसी भी अनधिकृत टेंट या बिना मान्यता वाली दुकान से पीयूसीसी बनवा लेना.
  • सही तरीका: हमेशा परिवहन विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड और मान्यता प्राप्त प्रदूषण जांच केंद्रों से ही जांच कराएं, ताकि आपका डेटा सरकारी सर्वर पर ऑनलाइन अपडेट हो सके.

सरकारी रेट से ज्यादा पैसे देना 

  •  गलती: तय दरों की जानकारी न होने के कारण सेंटर ऑपरेटर को मनमाना शुल्क दे देना.
  •  सही तरीका: सरकार की ओर से टूव्हीलर, फोरव्हीलर के लिए इस्तेमाल होने ईंधन जैसे पेट्रोल,डीजल और सीएनजी के हिसाब से प्रदूषण जांच की फीस तय की गई है. सिर्फ आधिकारिक रेट ही चुकाएं और ऑपरेटर से कंप्यूटर जनरेटेड पक्की रसीद मांगें.

mParivahan ऐप पर तुरंत स्टेटस चेक न करना

  •  गलती: केवल कागज लेकर चले जाना और यह न देखना कि डेटा ऑनलाइन चढ़ा या नहीं.
  •  सही तरीका: सर्टिफिकेट मिलते ही तुरंत अपने फोन में mParivahan या eChallan ऐप खोलकर वाहन नंबर दर्ज करें. जांचें कि नया PUCC ऑनलाइन शो हो रहा है या नहीं. अगर यह ऐप में अपडेट नहीं दिख रहा है, तो ट्रैफिक पुलिस इसे अमान्य मानकर चालान काट सकती है.

एक्सीलेटर बढ़ाते समय RPM रीडिंग पर ध्यान न देना

  •  गलती: जांच प्रक्रिया के दौरान स्क्रीन पर ध्यान न देना.
  •  सही तरीका: जब ऑपरेटर गाड़ी की रेस यानी एक्सीलेटर बढ़ाता है, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर RPM की रीडिंग लाइव चलती है. इसलिए यह सुनिश्चित करें कि ऑपरेटर सही तरीके से साइलेंसर में प्रोब लगाकर और इंजन रेस देकर ही धुएं के वास्तविक स्तर को रिकॉर्ड कर रहा है.

नंबर प्लेट को लाइव कैमरे से छिपाकर रखना

 गलती: गाड़ी को गलत एंगल में खड़ा करना जिससे नंबर प्लेट धुंधली या छिपी रहे.
 सही तरीका: वर्तमान में प्रदूषण जांच प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और लाइव वेबकैम से जुड़ी है. आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट कैमरे के ठीक सामने स्पष्ट दिखनी चाहिए. कैमरे में सही फोटो आने पर ही सिस्टम की ओर से ऑटोजनरेटेड वैध सर्टिफिकेट जारी होता है.

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बिना PUCC गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये जुर्माना

मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये का भारी जुर्माना, या 6 महीने तक की जेल या दोनों की सजा हो सकती है. इसके अलावा चालान कटने के साथ लाइसेंस रद्द या निलंबित भी किया जा सकता है.

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