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गांव में जमीन या मकान का पट्टा कैसे बनवाएं? किसको मिलता है लाभ, कैसे करें आवेदन, लेखपाल से जानें प्रक्रिया | How To Apply For Gramin Zameen Patta Online Village House Property Title Patta Process Land Lease Rules



नई दिल्ली:

Gramin Zameen Patta Rules: ग्रामीण इलाकों में अपने मकान या जमीन का कानूनी मालिकाना हक पाने के लिए पट्टा एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है. दरअसल, गांवों में अक्सर लोग पुस्तैनी मकानों या भूमि पर सालों से रह रहे होते हैं, लेकिन उनके पास इसका कोई आधिकारिक कानूनी दस्तावेज नहीं होता है. ऐसे में पट्टा एक ऐसा सरकारी दस्तावेज है, जो लोगों को उस जमीन या मकान का वैध मालिकाना हक दिलाता है.पट्टा बनने के बाद न केवल लोगों की संपत्ति सुरक्षित हो जाती है, बल्कि उस पर बैंक लोन भी लिया जा सकता है. पट्टा न केवल सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए योग्य बनाता है, बल्कि, भविष्य में किसी भी अवैध कब्जे या भूविवाद से भी बचाता है. 

कैसे मिलता है जमीन का पट्टा

लेखपाल यज्ञ प्रकाश दीक्षित ने उत्तर प्रदेश में जमीन के पट्टे की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि किसी इलाके में सबसे पहले मुनादी कराई जाती है, फिर रूप पत्र 1 जारी कर अच्छी जमीनें चिन्हित की जाती हैं. लैंड मैनेजमेंट कमेटी फिर इसक समीक्षा करती है और पात्रों की सूची बनाई जाती है. एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग, युद्ध में शहीदों के परिजनों को क्रमवार प्राथमिकता दी जाती है. फिर किसी अन्य जाति की पात्रदा देखी जाती है. तहसील में पात्रों की रिपोर्ट सबमिट की जाती है. फिर कानूनगो, नायब तहसीलदार इसका जमीनी मूल्यांकन करते हैं. तहसीलदार, एसडीएम इसकी जांच करते हैं. 57 ख प्रपत्र तैयार करके कृषि, आवास, मत्स्य पालन, कुम्हार या अन्य कार्यों के लिए पट्टा दिया जाता है.

भूमि पट्टा के लिए जरूरी दस्तावेज

  1. गांव में पट्टा बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज 
  2. पहचान पत्र, राशन कार्ड या गरीबी रेखा प्रमाण पत्र.
  3. जमीन या मकान पर लंबे समय से निवास का सबूत ( बिजली बिल, पानी का बिल, पुरानी गृह कर या हाउस टैक्स की रसीद. 
  4. आवेदक की पासपोर्ट साइज हालिया तस्वीरें).
  5. जमीन का चौहद्दी और अगर उपलब्ध हो तो खसरा या नक्शा. 
  6. हलफनामा कि उस जमीन पर शांतिपूर्ण व वैध कब्जा है
  7. यह किसी सरकारी या विवादित क्षेत्र में नहीं आती है. 

 पट्टा प्राप्त करने की ऑफलाइन प्रक्रिया 

अपने गांव के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी या पंचायत सचिव से मिलें और पट्टा आवंटन का निर्धारित आवेदन फॉर्म प्राप्त करें.

पट्टा प्राप्त करने की ऑनलाइन प्रक्रिया  

कई राज्यों में राजस्व विभाग या ईडिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए आवासीय पट्टे के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है.भरे हुए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे पहचान प्रमाण, कब्जे की रसीदें व शपथ पत्र अटैच करके ग्राम पंचायत कार्यालय या संबंधित तहसील या अंचल कार्यालय में जमा कराएं.

राजस्व अधिकारी और पटवारी का निरीक्षण 

आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित हलका पटवारी या लेखपाल और राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर जमीन का निरीक्षण करते हैं. वे यह जांचते हैं कि जमीन पर आपका कब्जा कितना पुराना है और क्या वह भूमि ग्राम सभा की किसी सार्वजनिक श्रेणी जैसे रास्ता या तालाब वगैरह में तो नहीं आती.

स्वीकृति और पट्टा प्रमाण पत्र जारी होना

जांच रिपोर्ट सकारात्मक होने पर ग्राम पंचायत की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाता है और अंतिम स्वीकृति के लिए फाइल तहसीलदार या उपविभागीय अधिकारी के पास भेजी जाती है. निर्धारित शासकीय शुल्क जमा करने के बाद आवेदक के नाम पट्टा प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है.

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 स्वामित्व योजना के तहत घर का पट्टा ऐसे करें हासिल

केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से आबादी भूमि का सर्वे किया जा रहा है. इस योजना के तहत गांव के हर घर का डिजिटल मानचित्र तैयार कर मकान मालिकों को संपत्ति कार्ड प्रदान किया जा रहा है. अगर  गांव में ड्रोन सर्वे हो चुका है, या प्रक्रियाधीन है, तो अपने स्थानीय पटवारी, लेखपाल या पंचायत सचिव से संपर्क करके अपने प्रॉपर्टी कार्ड का स्टेटस जान सकते हैं.

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