

लखनऊ:
अर्नब तूफान और लगातार हो रही बारिश का असर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दिखाई दे रहा है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, श्रावस्ती में राप्ती नदी उफान पर है, अयोध्या में तेज हवाओं से फसलें प्रभावित हो रही हैं, बस्ती में मकान पर पेड़ गिर गया है, जबकि कानपुर के इटर्रा गांव में बंबा की पटरी कटने से पूरा गांव जलमग्न हो गया. प्रशासन ने कई जिलों में अलर्ट जारी कर स्कूल बंद कर दिए हैं.
चित्रकूट में खतरे के निशान से ऊपर पहुंची मंदाकिनी
चित्रकूट में लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. नदी का पानी 126.500 मीटर के डेंजर लेवल से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने देर रात रामघाट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
Chitrakoot, Madhya Pradesh: The water level of the Mandakini River rose above the danger mark of 126.500 metres amid continuous rainfall. The district administration and police deployed PAC personnel with motorboats at Ramghat and increased monitoring in sensitive areas. Schools… pic.twitter.com/tQTLvUF8JH
— IANS (@ians_india) September 26, 2026
लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी और घाटों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है.
मठ-मंदिरों तक पहुंचा नदी का पानी
मंदाकिनी का बढ़ता जलस्तर अब रामघाट के आसपास स्थित कई मठों और मंदिरों तक पहुंच चुका है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया है. नदी किनारे रहने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है. ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस और प्रशासनिक अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. संभावित बाढ़ को देखते हुए चित्रकूट के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.
#WATCH | Uttar Pradesh: Ayodhya city has been receiving incessant rainfall for the last 2 days. Latest visuals from the city this morning. pic.twitter.com/TjdIfrhTAw
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 26, 2026
लखीमपुर खीरी में दीवार गिरी, तीन लोगों की मौत
लखीमपुर खीरी के रहमतपुर गांव में लगातार बारिश के बाद मिट्टी की दीवार और फूस की छत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई.
#WATCH | Uttar Pradesh | 3 killed after a mud wall and a thatched roof collapse following continuous rainfall in Rahmatpur village of Lakhimpur Kheri pic.twitter.com/WV7qqvE0bP
— ANI (@ANI) September 26, 2026
अयोध्या में फसलों पर मौसम की मार
रामनगरी अयोध्या में भी अर्नब तूफान का असर साफ दिखाई दे रहा है. पिछले दो दिनों से जिले में लगातार तेज हवाएं चल रही हैं. इन हवाओं का सबसे ज्यादा असर खेतों में खड़ी तैयार फसलों पर पड़ा है. कई क्षेत्रों में धान की फसल गिर गई है, जबकि गन्ने की तैयार फसल भी नुकसान झेल रही है. कटाई से ठीक पहले फसलों के प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि मौसम इसी तरह बना रहा तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी कर कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया है.
श्रावस्ती में राप्ती नदी उफान पर
श्रावस्ती में पिछले 48 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पानी भर गया है और कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं. नेपाल की पहाड़ियों में हुई भारी बारिश का असर राप्ती नदी पर दिखाई दे रहा है. नदी खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. नदी का बढ़ता जलस्तर तटीय क्षेत्रों में कटान और बाढ़ का खतरा बढ़ा रहा है. तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है. धान की लहलहाती फसलें भी बारिश और तूफान की दोहरी मार झेल रही हैं. हालात को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है. NDRF और SDRF की टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है.
#WATCH | Uttar Pradesh: Rainfall lashes Kanpur city and adjacent areas. Visuals from the city this morning. pic.twitter.com/Vxz2IWjMgN
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 26, 2026
बस्ती में मकान पर गिरा विशाल पीपल का पेड़
बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र के फरेदा जागीर गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक विशाल पीपल का पेड़ पक्के मकान पर गिर गया. पेड़ की चपेट में पास में बना टीनशेड वाला मकान भी आ गया. हादसे में घर में मौजूद दो बच्चों को मामूली चोटें आई हैं. क्षेत्र में लगातार तेज हवाओं और बारिश के चलते लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. कई जगहों से सड़क पर पेड़ गिरने की खबरें भी सामने आई हैं.
कानपुर में बंबा की पटरी कटी, गांव में घुसा पानी
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र स्थित इटर्रा गांव में शुक्रवार रात बंबा की पटरी कटने से बड़ा संकट खड़ा हो गया. रात के समय पानी का तेज बहाव गांव की ओर मुड़ गया और देखते ही देखते पूरा गांव जलमग्न हो गया. घरों और रास्तों में पानी भरने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और रातभर सीमेंट की चादरों, मिट्टी से भरी बोरियों और फावड़ों की मदद से पानी रोकने की कोशिश की. कई घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने अस्थायी रूप से पानी का बहाव रोकने में सफलता हासिल की, लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि पटरी की स्थायी मरम्मत नहीं हुई तो दोबारा गांव में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं.
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया गया है. लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का दावा कर रहा है.
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