
मध्य प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (aimim) के नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. शर्मा ने कहा कि मैं अपने बयान पर आज भी कायम हूं.
उन्होंने ओवैसी पर बदतमीजी की भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वह वकील हैं तो उनके बयान को लेकर कोर्ट जा सकते हैं. शर्मा ने कहा कि अब तुम छाती पीटो या इस्लामाबाद से अपने तार जोड़ो, यूसीसी लागू होगा अर्थात लागू होगा और बाबा साहब अंबेडकर की भावना के अनुसार ही होगा.
शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सेना और वैज्ञानिकों द्वारा तैयार मिसाइलों ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई जारी रहेगी.
यूसीसी पर बोले शर्मा
यूसीसी को लेकर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल हिंदुओं के वोट के लिए हिंदू भावनाओं की बात करते हैं, लेकिन अगर देश की 80 फीसदी आबादी हिंदू कानून मानती है तो बाकी लोगों को इसे मानने में क्या परेशानी है. शर्मा ने बहुविवाह, हलाला और तलाक जैसी प्रथाओं का विरोध करते हुए कहा कि देश में सभी के लिए समान कानून होना चाहिए.
उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक 21 राज्यों में यूसीसी लागू होने की बात कही है और कहा कि मध्य प्रदेश में यह पहले ही लागू हो चुका है.
ओवैसी ने क्या कहा था?
बता दें ओवैसी ने बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा था, ‘तुम मां के लाल में दम हो तो काजी कैंप में आकर दिखाना.’ ओवैसी ने कहा था कि उन्होंने रामेश्वर शर्मा का बयान सुना, जिसमें करौंद से काजी कैंप पर मिसाइल लॉन्च करने की बात कही गई. ओवैसी ने चुनौती देते हुए कहा, ‘रामेश्वर शर्मा, तुम माई के लाल हो तो चलाओ, मैं काजी कैंप में खड़ा मिलूंगा.
रामेश्वर शर्मा का बयान क्या था?
बता दें कि 6 सितंबर को करोंद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने मंच से कहा था, ‘करोंद चौराहे से मिसाइल छोड़ो तो काजी कैंप में जाकर गिरे.’ बयान के बाद विवाद बढ़ा तो शर्मा ने सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान का संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप से था.