मध्य प्रदेश

शिमला में अस्पताल शिफ्टिंग पर बवाल, महिलाओं ने निकाला मार्च


हिमाचल प्रदेश में शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी ओपीडी और वार्ड को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में शिफ्ट करने के विरोध में मंगलवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने सचिवालय मार्च निकाला.

शिमला के टोलैंड से शुरू हुए इस मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया. प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने विरोध को जोरदार तरीके से दर्ज कराया. मनाग की कि वार्ड को शिफ्ट न किया जाए. इससे आम लोगों को दिक्कतें बढेंगी.

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कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प 

सचिवालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था. इस दौरान सचिवालय के बाहर पुलिस और महिला समिति की कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प भी देखने को मिली. जनवादी महिला समिति की सचिव फाल्मा चौहान ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल लंबे समय से महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान रहा है और यहां उपलब्ध गायनी सेवाएं हजारों महिलाओं को लाभ पहुंचाती हैं. उनका आरोप है कि गायनी ओपीडी और वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट करने से मरीजों, उनके परिजनों और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. 

वीआईपी को लाभ देना अब मकसद 

फाल्मा चौहान ने आरोप लगाया कि VIP को लाभ देने के मकसद से अस्पताल को तोड़ा जा रहा है. अस्पताल को तोड़कर विधायकों के लिए मकान बनाए जा रहें हैं जो पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. 

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि किसी भी सूरत में वार्ड शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि इससे सबसे ज्यादा दिक्कत आम लोगों को आने वाली है. आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को जो लाभ मिल रहा था वो इससे रोकने की कोशिश है.

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