
AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार (15 सितंबर) को यूसीसी के खिलाफ भोपाल आ रहे हैं, लेकिन उनके भोपाल दौरे से पहले ही सियासत गरमा गई है. मुस्लिम समाज ही ओवैसी के इस दौरे के खिलाफ खड़ा हो गया है. बड़ी बात ये है कि मुस्लिम त्योहार कमेटी ने ओवैसी के दौरे को निरस्त करने की मांग की है.
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने पुलिस और प्रशासन को पत्र लिखकर ओवैसी के कार्यक्रम के लिए मंजूरी न देने की मांग की है. मुस्लिम त्योहार कमेटी ने आशंका जाहिर की है कि ओवैसी के भड़काऊ भाषण से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की फिजा खराब हो सकती है, क्योंकि इस समय गणेश चतुर्थी और हिंदुओं के त्यौहार चल रहे हैं ऐसे में ओवैसी के दौरे को निरस्त किया जाए.
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ओवैसी का दौरा रद्द करने की मांग
मुस्लिम त्योहार कमेटी द्वारा पत्र लिखकर इस दौरे को रद्द करने की मांग की गई है. हालांकि इस पत्र के सामने आने के बाद मुस्लिम त्योहार कमेटी में ही दोफाड़ नजर आ रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने ओवैसी को बीजेपी की टीम करार दे दिया है. इसके अलावा बीजेपी ने उन्हें नफरती बताया है. वहीं एआईएमआईएम के पूर्व नेता ने भी इस दौरे का विरोध किया है.
अमित शाह ने 21 राज्यों में UCC लागू करने की बात कही
देश के 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारों के 2029 से पहले यूसीसी लागू करने के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को सवाल उठाया कि क्या भाजपा के सहयोगियों की अपनी कोई स्वतंत्र राजनीतिक आवाज है.
ओवैसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा नियुक्त विधि आयोग ने यह निष्कर्ष निकाला था कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) न तो जरूरी है और न ही वांछनीय. इसके खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी ने 15 सितंबर को भोपाल दौरे का आह्वान किया है.
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