

बारिश चली जाती है, पर पीछे छोड़ जाती है चिपचिपी उमस और मौसम में अजीब सा बदलाव. सितंबर का महीना सेहत के लिहाज से थोड़ा नाजुक माना जाता है. सुबह-शाम हल्की ठंडक और दिन में उमस भरी गर्मी, शरीर इसी के बीच तालमेल बिठाने में लगा रहता है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है, क्या सितंबर-अक्टूबर में बाजरा खा सकते हैं? अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो पूरी स्टोरी पढ़ें.
सितंबर में बाजरा खाएं?
सर्दियों में बाजरे की रोटी और खिचड़ी किसे पसंद नहीं? फाइबर और पोषण से भरपूर बाजरा ठंड में तो अमृत जैसा लगता है, लेकिन सितंबर की उमस में इसे ज्यादा मात्रा में खाना भारी पड़ सकता है. आयुर्वेद के मुताबिक बाजरे की तासीर गर्म और रूखी होती है. अगर इस मौसम में आपको पेट में भारीपन या पाचन से जुड़ी दिक्कत लग रही है, तो बाजरे से थोड़ी दूरी बना लेना ही समझदारी है. हालांकि इसका मतलब ये नहीं कि सितंबर में बाजरा पूरी तरह मना है, ये पूरी तरह आपके हाजमे पर निर्भर करता है.
बाजरा की तासीर कैसे होती है?
बाजरा की तासीर गर्म होती है और यह फाइबर से भरा होता है. अगर आप ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो यह पेट में गर्मी और भारीपन कर सकता है, जिससे नींद खराब हो सकती है.
बाजरे को डाइट में कैसे शामिल करें?
देसी बाजरा खिचड़ी: चावल की जगह ज्वार या कोदो को 6 घंटे भिगोकर रख दें, फिर दाल और मनपसंद सब्जियों के साथ कुकर में पका लें. पेट भी भरेगा और सेहत भी बनी रहेगी.
रागी का डोसा: रागी के आटे को दही और पानी में घोलकर रात भर के लिए छोड़ दें. सुबह इससे कुरकुरा डोसा या चीला बना लें. बच्चों को भी खूब पसंद आएगा और कैल्शियम की कमी भी पूरी होगी.
मिलेट पोहा: कंगनी या सांवा को 20 मिनट भिगोकर उबाल लें. फिर प्याज, करी पत्ता और हल्दी के साथ पोहे जैसा तड़का लगा दें. सुबह-सुबह के लिए झटपट और हेल्दी नाश्ता तैयार.
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