
मध्य प्रदेश में सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद से शराब माफियाओं के खिलाफ एक्शन तेज है. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के कार्यालय ने एक पोस्ट के जरिए सनसनी मचा दी है.
इस पोस्ट में सागर के मौजूदा पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया पर गंभीर सवाल उठाए गे हैं. इस पोस्ट में साल 2024 में बीजेपी विधायक प्रदीप लारिया द्वारा सागर पुलिस को लिखे गए पत्र का हवाला भी दिया गया है.
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तो क्या पुलिस की लापरवाही है सबसे बड़ी वजह?
दिग्विजय सिंह के कार्यालय की ओर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर लिखा, ‘यदि सागर पुलिस अधीक्षक ( अनुराग सुजानिया) बीजेपी विधायक का वर्ष 2024 में लिखे इस पत्र को संज्ञान में ले लेते तो बंडा अवैध शराब कांड नहीं होता. यह भी चर्चा है कि मौजूदा सागर के पुलिस अधीक्षक महोदय जब मुरैना में थे तब वहां भी जहरीली शराब पीने से 24 लोग मरे थे. यह भी अजीब संयोग है.’
बीजेपी विधायक ने क्या शिकायत की थी?
इस पोस्ट के साथ बीजेपी विधायक के पत्र को भी साझा किया है जिसमें प्रदीप लारिया ने पुलिस अधीक्षक को जिले में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी. इसके अलावा भी वो पत्र लिखकर नरयावली विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ, सट्टा पर अंकुश लगाने की मांग करते रहे हैं. यही नहीं अक्टूबर 2024 में वो महिलाओं और कार्यकर्ताओं के साथ सागर SP कार्यालय तक गए थे., लेकिन इसपर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
दिग्विजय सिंह के कार्यालय ने दावा किया कि अगर पहले ही इन शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो शायद आज जहरीली शराब से मौतों के मामले सामने नहीं आते. दिग्विजय सिंह के इस ट्वीट ने प्रदेश में पुलिस के सुस्त रवैये को उजागर किया है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ उप-भाग जहरीली शराब पीने के कारण दर्जनों लोगों की हालत खराब हो गई. लोगों ने उल्टी, चक्कर आने और दौरे पड़ने की शिकायत की तो उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस शराब के कारण 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है. हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या एक दर्जन से अधिक बताई गई है.
इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, इस मामले में लापरवाही बरतने वाले 3 आबकारी अधिकारियों और 2 पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है.
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