
मध्य प्रदेश के कटनी में नगर निगम द्वारा जलकर (Water Tax) वसूली को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम की जलकर बिलिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि बकाया जलकर पर चक्रवृद्धि ब्याज जोड़ा जा रहा है. वहीं, ऐसे मकानों पर भी जलकर के बिल भेजे जाने का आरोप है, जहां नल कनेक्शन तक नहीं है.
शिकायत में बताया गया है कि एक जलकर बिल में ₹1,77,604.50 बकाया और ₹1,51,762 ब्याज दर्शाया गया है. जबकि बिल में मासिक जलकर की दर ₹192 बताई गई है. कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब मासिक दर इतनी कम है, तो बकाया और ब्याज की राशि इतनी बड़ी कैसे हो गई?
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम से यह भी स्पष्ट करने की मांग की है कि जलकर का बिल मीटर रीडिंग, फ्लैट रेट या अनुमानित खपत के आधार पर तैयार किया जाता है. इसके साथ ही ब्याज किस नियम या धारा के तहत लगाया जा रहा है और ब्याज की दर किस आदेश या अधिसूचना के आधार पर निर्धारित की गई है, इसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है.
MIC और परिषद के फैसले के बाद भी आदेश नहीं हुआ लागू
शिकायतकर्ता का कहना है कि जलकर के चक्रवृद्धि ब्याज का मुद्दा पहले भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया था. इसके बाद 23 मार्च 2026 को एमआईसी की बैठक और 29 अप्रैल 2026 को नगर निगम परिषद की बैठक हुई.
दावा किया गया है कि दोनों बैठकों में जलकर पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज को माफ करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था. इसके बावजूद आरोप है कि आज तक नगर निगम आयुक्त की ओर से इस निर्णय को लागू करने के लिए कोई प्रभावी आदेश जारी नहीं किया गया है.
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नल कनेक्शन नहीं, फिर भी आ रहा जलकर का बिल
कांग्रेस ने नगर निगम की बिलिंग व्यवस्था पर एक और गंभीर सवाल उठाया है. शिकायत में मनोरमा बाई हरिओम गुप्ता, निवासी अम्बेडकर वार्ड, कटनी के सर्विस बिल नंबर WB-7/2026/1002308798 का उदाहरण दिया गया है. शिकायत के अनुसार संबंधित मकान में नल कनेक्शन नहीं होने के बावजूद जलकर का बिल भेजा जा रहा है और उसका भुगतान भी लिया जा रहा है. कांग्रेस का दावा है कि इस तरह के कई मामले शहर में सामने आ रहे हैं.
कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि नगर निगम जलकर की पूरी गणना, बकाया राशि, ब्याज की गणना और ब्याज की दर का विस्तृत रिकॉर्ड सार्वजनिक करे. साथ ही बिना नल कनेक्शन वाले मकानों पर जारी किए गए जलकर बिलों की जांच कर उन्हें निरस्त करने की मांग की गई है. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा और नगर निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा.
जलकर पर जनता से की जा रही वसूली में पारदर्शिता जरूरी
इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमित शुक्ला, पूर्व पार्षद प्रशांत जायसवाल, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश जाटव, ब्लॉक अध्यक्ष जित्तू गुप्ता, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कमल पांडे, रंजीत सिंह, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष नारायण निषाद, उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह, महामंत्री सज्जू गुप्ता, अशोक मौर्य, दीपक गुप्ता, अभिषेक शिवहरे, मनीष झारिया, राजेश निषाद, सुनील चौधरी, ईकबाल अहमद और प्रदीप सेन सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे.
कांग्रेस का कहना है कि जलकर के नाम पर जनता से की जा रही वसूली में पारदर्शिता जरूरी है. अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इन आरोपों और कांग्रेस की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है.
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