
शिमला में मंगलवार (9 जून) को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस की अनुशासन समिति की अहम बैठक हुई. बैठक ऐसे समय में बुलाई गई, जब पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर नेताओं की बयानबाजी और आपसी विवाद चर्चा का विषय बने हुए हैं. खास तौर पर पूर्व विधायक नीरज भारती के कुछ बयानों और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर पार्टी के अंदर असहज माहौल बना हुआ है.
बैठक के बाद अनुशासन समिति के अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और इसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने साफ कहा कि पार्टी की विचारधारा, संगठन और नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
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राठौर ने कहा कि अगर किसी नेता या कार्यकर्ता को कोई शिकायत या असहमति है तो उसके लिए पार्टी के भीतर उचित मंच मौजूद है. संगठन के अंदर अपनी बात रखना सभी का अधिकार है, लेकिन मीडिया या सोशल मीडिया के जरिए पार्टी के खिलाफ बयान देना सही तरीका नहीं है.
नीरज भारती के बयानों पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक बैठक में पूर्व विधायक नीरज भारती के हालिया बयानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. पार्टी नेताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि सार्वजनिक मंचों पर की जाने वाली बयानबाजी से संगठन की छवि प्रभावित होती है और विरोधियों को भी कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिलता है.
हालांकि बैठक के बाद किसी एक व्यक्ति का नाम लेकर कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई, लेकिन अनुशासन समिति ने साफ संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा.
नेताओं ने संगठनात्मक मर्यादा पर दिया जोर
कुलदीप राठौर ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां हर नेता और कार्यकर्ता को अपनी राय रखने की पूरी आजादी है. लेकिन यह आजादी संगठनात्मक मर्यादाओं के दायरे में होनी चाहिए.
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उन्होंने चेतावनी दी कि आगे यदि कोई नेता सार्वजनिक रूप से अनुशासनहीनता करता पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक आशीष बुटेल, विधायक हरदीप सिंह बाबा, विधायक अनुराधा राणा, कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा, अमित नंदा समेत अनुशासन समिति के कई सदस्य मौजूद रहे. बैठक को कांग्रेस संगठन में अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
