धर्म

5253वें जन्मोत्सव पर सजी श्रीनगर की सड़कें, कश्मीरी पंडितों के साथ झूमी पूरी घाटी


Janmashtami 2026: देशभर के साथ जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर कश्मीरी पंडित समुदाय द्वारा शहर के बीचों-बीच एक भव्य और पारंपरिक शोभा यात्रा निकाली गई. हिंदू पंचांग के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव घाटी में बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ.

मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही श्रीनगर के विभिन्न मंदिरों में दर्शन और पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा. मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अखंड भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ. पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां साझा कीं.

गणपत्यार मंदिर से लाल चौक तक निकली भव्य शोभा यात्रा दिन का मुख्य आकर्षण कश्मीरी पंडित समुदाय द्वारा आयोजित पारंपरिक झांकी और शोभा यात्रा रही.

  • शुरुआत: यह यात्रा हब्बा कदल क्षेत्र के टंकपोरा स्थित ऐतिहासिक गणपत्यार मंदिर से भक्तिभाव के साथ शुरू हुई.
  • मार्ग: यात्रा क्रालखुद और बर्बरशाह से गुजरते हुए आगे बढ़ी.
  • समापन: शोभा यात्रा का विधिवत समापन ऐतिहासिक लाल चौक स्थित क्लॉक टॉवर (घंटाघर) पर हुआ.

यात्रा मार्ग पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजे छोटे बच्चे आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे. पुरुष और महिलाएं ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते और पुष्प वर्षा करते नजर आए. पूरा शहर शंखध्वनि और हरे रामा, हरे कृष्णा के जयकारों से गुंजायमान हो उठा.

घाटी में दिखी कश्मीरियत और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल इस शोभा यात्रा की सबसे खूबसूरत तस्वीर कश्मीरियत के आपसी भाईचारे में दिखाई दी. यात्रा मार्ग पर स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में अपने पंडित भाइयों के स्वागत के लिए सड़कों पर खड़े दिखे. उन्होंने कश्मीरी पंडितों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और मिठाई व फूलों से उनका अभिनंदन कर घाटी की साझा संस्कृति की परंपरा को मजबूत किया.

कड़े सुरक्षा प्रबंध हाल ही में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को ऑनलाइन मिली धमकियों के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. शोभा यात्रा के पूरे मार्ग और खासकर लाल चौक पर पुलिस तथा सुरक्षा बलों की चाक-चौबंद तैनाती रही, जिससे उत्सव शांतिपूर्वक संपन्न हुआ.

स्कूल-कॉलेज रहे बंद, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी बधाई जन्माष्टमी के अवसर पर जम्मू-कश्मीर में सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान बंद रहे.

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई दी. दोनों नेताओं ने केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी शांति, एकता, समृद्धि और आपसी भाईचारे की प्रार्थना की.

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