मध्य प्रदेश

रीवा में अभद्र टिप्पणी पर एक्शन, हटाए गए संजय गांधी अस्पताल अधीक्षक


रीवा की संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में कार्रवाई हुई है, अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल शर्मा को पद से हटा दिया गया है. यह कार्रवाई ऐसे वक्त पर हुई है, जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल शर्मा द्वारा प्रसूता कल्पना मिश्रा के परिजनों से अभद्रता का वीडियो सामने आया. हालांकि, मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने इस कार्रवाई को नाकाफी बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है.

मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने सिरमौर चौराहे पर धरना शुरू कर दिया है. लगातार बारिश के बीच आज उनके धरने के दूसरा दिन है. उनका कहना है कि केवल विभागीय कार्रवाई या निलंबन से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा. वे जिम्मेदार डॉक्टरों और अन्य दोषी कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी बेटी की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर समुचित चिकित्सा और निगरानी नहीं मिली. परिवार का दावा है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ से कल्पना की हालत देखने और बेहतर उपचार की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया.

अस्पताल प्रबंधन पर पैसे मांगने का आरोप

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया है कि प्रसव के लिए उनसे 30 हजार रुपये की मांग की गई थी. इस आरोप को लेकर मृतका के पिता ने प्रशासन को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पीड़ित पिता ने रीवा कमिश्नर को पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब कल्पना की मौत से कुछ घंटे पहले का एक वीडियो सामने आया. वीडियो में कल्पना अस्पताल के वार्ड से बाहर आती हुई दिखाई देती है और बेहद परेशान नजर आती है. वह अपने परिजनों से मदद की गुहार लगाती दिखाई देती है. इस वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों की निगरानी, उपचार व्यवस्था और स्टाफ के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए.

परिवार का आरोप है कि वीडियो में दिखाई दे रही कल्पना की स्थिति को देखते हुए तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की जरूरत थी. इसके बावजूद कुछ ही समय बाद उसकी और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई. हालांकि, मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था और उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा.

घटना के बाद अस्पताल अधीक्षक पर गिरी गाज

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से शुरुआती कार्रवाई करते हुए दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया था. बाद में अस्पताल अधीक्षक डॉ राहुल मिश्रा को भी पद से हटा दिया गया. मामले की जांच भी शुरू की गई. लेकिन मृतका के पिता का कहना है कि कार्रवाई केवल नर्सिंग स्टाफ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उनका आरोप है कि इलाज की पूरी प्रक्रिया में जिन डॉक्टरों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका थी, उनकी भी जांच होनी चाहिए. 

सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठे रामशिरोमणि मिश्रा का कहना है कि उनकी बेटी की मौत के मामले में उन्हें सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कानूनी न्याय चाहिए. उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती और मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. 

मृतका के पिता ने ठुकराई सहायता राशि

सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठे कल्पना मिश्रा के परिवार ने मुख्यमंत्री की सहायता राशि को ठुकराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी है. मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने कहा – मेरी बेटी को डॉक्टरों ने मिलकर जान से मार दिया. अधीक्षक राहुल मिश्रा 30 हजार रूपये की मांग कर रहे थे. मेरे पास पैसे नहीं थे. मुझे २ लाख की सरकारी सहायता नहीं चाहिए. कलेक्टर खुद मुझसे 2 लाख ले लें लेकिन मेरी बेटी को जिन्दा कर दें. मेरी एक ही बेटी थी.

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