
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के विरोध में सोमवार (31 अगस्त) को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शिमला में उपायुक्त कार्यालय परिसर के समीप प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई.
प्रदर्शन में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए. कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया.
सीएम सुक्खू ने बीजेपी पर लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कथित तौर पर हुए अपमानजनक व्यवहार के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना निंदनीय है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने ‘तानाशाही का नया ट्रेंड’ शुरू किया है और राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर इस तरह की कार्रवाई की जा रही है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज FIR के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया।
हल्द्वानी में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी की जनसभा के बाद मंच के शुद्धीकरण जैसी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। दोषियों पर कार्रवाई… pic.twitter.com/H0YlP5R1qK
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) August 31, 2026
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‘प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का है पूरा अधिकार’
सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने तथा सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकारें राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कानून और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है.
‘विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उसे चाहिए सुना जाना’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्ष की भूमिका, असहमति के सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता भी इसकी महत्वपूर्ण आधारशिलाएं हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीकों से किया जाना चाहिए.
‘कांग्रेस अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेगी. प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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