

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि राजस्थान के एक नेशनल हाईवे पर एक परिवार सड़क के बीच बैठकर खाना खा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और लोगों के सिविक सेंस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. कई लोगों ने परिवार के इस तरह हाईवे पर बैठने को लापरवाही बताते हुए आलोचना भी की.
हालांकि, इस वायरल वीडियो की पड़ताल करने पर सामने आया कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से इस वीडियो को पेश किया जा रहा था, उसके पीछे की हकीकत कुछ अलग है. NDTV ने वीडियो को मूल रूप से पोस्ट करने वाले व्यक्ति शिव प्रकाश से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी ली.
वॉटरफॉल घूमने गया था परिवार
शिव प्रकाश ने बताया कि यह वीडियो 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या के दिन रिकॉर्ड किया गया था. वह अपने परिवार के साथ मेनाल वॉटरफॉल घूमने गए थे. वहां से लौटते समय परिवार को चित्तौड़गढ़ स्थित अपने घर जाना था. इसी दौरान परिवार ने हाईवे पर कुछ देर रुककर खाना खाने का फैसला किया.
शिव प्रकाश के मुताबिक, उस दिन तेज बारिश हो रही थी. उनके साथ परिवार में बच्चे और बुजुर्ग भी थे. शाम करीब 4:30 बजे परिवार को भूख लगी थी. ऐसे में उन्होंने आसपास मौजूद कुछ स्थानीय ग्रामीणों से पूछा कि कहीं खाना खाने के लिए रुकने की जगह या कोई रेस्टोरेंट है या नहीं.
15 मिनट तक खाया खाना
शिव ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें हाईवे पर मौजूद एक ले-बाय के बारे में जानकारी दी. ग्रामीणों के मुताबिक, उस जगह पर आमतौर पर ट्रक चालक अपने वाहन खड़े करते हैं और लोग कुछ देर आराम भी करते हैं. इसके बाद परिवार उसी ले-बाय में रुका और करीब 15 मिनट तक वहां खाना खाया.
शिव प्रकाश ने दावा किया कि परिवार हाईवे के चलने वाले हिस्से या सड़क के बीच में नहीं बैठा था, बल्कि हाईवे के किनारे बने ले-बाय में रुका था. खाना खाने के बाद परिवार ने बिना ज्यादा देर किए अपना सफर दोबारा शुरू कर दिया और चित्तौड़गढ़ की ओर रवाना हो गया.
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया वीडियो
शिव के मुताबिक, उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया था. उनका कहना है कि बाद में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने वीडियो को अलग संदर्भ में पेश करना शुरू कर दिया. वीडियो को इस तरह वायरल किया गया, जैसे परिवार ने नेशनल हाईवे के बीचों-बीच बैठकर खाना खाया हो.
सोशल मीडिया पर हुए ट्राेल
वीडियो वायरल होने के बाद शिव प्रकाश को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही प्रतिक्रियाओं के बाद उन्हें अपना इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट करना पड़ा. शिव ने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार का हाईवे पर खुद को या दूसरे वाहन चालकों को खतरे में डालने का कोई इरादा नहीं था.
बच्चों और बुजुर्ग को लगी भूख
शिव प्रकाश ने कहा कि उस समय परिस्थितियां कुछ ऐसी थीं कि परिवार के साथ बच्चे और बुजुर्ग मौजूद थे, तेज बारिश हो रही थी और सभी को भूख लगी थी. ऐसे में उन्होंने स्थानीय लोगों से जानकारी लेने के बाद हाईवे पर उपलब्ध ले-बाय में थोड़ी देर रुकने का फैसला किया. उनका कहना है कि परिवार वहां करीब 15 मिनट ही रुका और इसके बाद तुरंत अपनी यात्रा पर निकल गया.
हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस अभी भी जारी है. कई यूजर्स ने परिवार के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए और हाईवे पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई.
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