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नेपाल पर आपदा के बाद आई एक और आफत, ट्रेकिंग इंडस्ट्री की तबाही से रोजी रोटी खत्म | Trekking industry devastated after Nepal flash floods NDTV ground report



नेपाल में अचानक आई व‍िनाशकारी बाढ़ की वजह से यहां की ट्रेकिंग इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है. 50 फीसदी से ज्‍यादा का काम ठप पड़ चुका है. स्‍थानीय दुकानदारों का कहना है क‍ि आपदा की वजह से उनके ब‍िजनेस पर बड़ा असर पड़ा है. अगस्‍त सीजन का टाइम था. लोग दुख में हैं और ट्रेक‍िंग पर नहीं जा रहे हैं. टूर‍िस्‍ट गाइड भी यहां से जा चुके हैं, इंड‍ियन कस्‍टमर्स भी वापस जा चुके हैं. NDTV की टीम ग्राउंड पर पहुंची और यहां के दुकानदारों से बातचीत की. दुकानदार द‍िनेश ने कहा, मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्री यहां रुकते थे, ज‍िससे दुकानदारों को फायदा होता था, लेक‍िन अब सब जा चुके हैं. ऐसे में ब‍िजनेस पर बड़ा इम्‍पैक्‍ट हुआ है. अब कोई भी यात्री नहीं आ रहा है.  दुकानदार डोंब्रे ने कहा, सीजन चल रहा है और इस समय कोई पर्यटक नहीं है. दुकान पर ब्रिकी भी पहले से बहुत कम हो गई है. 

बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 हुई

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 939 हो गई, जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं.उन्होंने बताया कि अब तक 10,000 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है और बचाव दल रुक-रुक कर हो रही बारिश, उफनती नदियों, क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के टूटने के कारण 26 अगस्त को आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया था. 

त‍िब्‍बत में 500 से ज्‍यादा लोग अब भी लापता

हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा.इस आपदा में चीनी क्षेत्र में भी 16 लोगों की मौत हुई है जबकि चीनी मीडिया में आईं खबरों के अनुसार तिब्बत में करीब 550 लोग अब भी लापता हैं. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि बचाव दल नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न जलविद्युत परियोजना स्थलों पर 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. इनमें से कई लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है. 

एक स्थान पर बचाव दलों को बंद सुरंग तक पहुंचने में परेशानी हुई, जिसके बाद नियंत्रित विस्फोट किया गया. इन अभियानों में भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें बचाव दलों की सहायता कर रही हैं. नेपाल ने सुरंगों में बचाव कार्य और फोरेंसिक जांच के लिए विशेष उपकरणों व तकनीकी सहायता समेत अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है.

 
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