
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को रविवार (30 अगस्त) को तीन नए न्यायाधीश मिले हैं. चिराग भानु सिंह ने हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली, जबकि भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल ने अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की. ये शपथ शिमला के लोक भवन में दिलवाई गई. इस तरह मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सहित हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 15 हो गई है, जबकि स्वीकृत पद 17 हैं.
राजभवन में आज आयोजित गरिमापूर्ण समारोह में राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने तीनों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मौके पर हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया भी मौजूद रहे.
न्यायाधीश चिराग भानु सिंह के बारे में जानें
स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने वाले न्यायमूर्ति चिराग भानु सिंह का जन्म 18 दिसंबर 1970 को हिमाचल की मंडी में हुआ था. उन्होंने मंडी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी. साल 1994 में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला से कानून की डिग्री हासिल की. इसके बाद चिराग भानु सिंह 1994 में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, शिमला में एनरोल हुए थे. इस दौरान उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक तथा सर्विस मामलों में प्रैक्टिस की थी.
साल 2007 में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज बने. साल 2014 और फिर 2021 में सुप्रीम कोर्ट में दो बार अपनी सेवाएं दे चुके हैं. जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक बिलासपुर में डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के तौर पर उन्होंने काम किया. इसके बाद ध्र्मशाला में कांगड़ा में डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के पद पर अपनी सेवाएं दीं.
नेपाल की तबाही के बाद हिमाचल में अलर्ट, ग्लेशियर झीलें बनीं खतरा
न्यायाधीश भूपेश शर्मा कौन हैं?
न्यायाधीश भूपेश शर्मा का जन्म 1 जनवरी 1968 को कांगड़ा में हुआ था. उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से लॉ में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी. जुलाई 1996 में कांगड़ा, धर्मशाला में सब जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के तौर पर हिमाचल प्रदेश ज्यूडिशियल सर्विस से जुड़े थे.
इसके बाद मई 1997 में उनका मंडी में ट्रांसफर हो गया. न्यायाधीश भूपेश ने इसके अलावा हमीरपुर, सोलन, ऊना और शिमला में डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के तौर पर काम किया है. अक्टूबर 2024 में उन्हें हाई कोर्ट का रजिस्ट्रार जनरल नियुक्त किया गया था.
कौन हैं न्यायाधीश योगेश जसवाल ?
न्यायाधीश योगेश जसवाल का जन्म 2 मार्च 1967 को ऊना में हुआ था. योगेश जसवाल ने 1991 में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से LL.B की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने शिमला में सिविल, क्रिमिनल और रेवेन्यू मामलों के जरिए वकालत की प्रैक्टिस की. जुलाई 1996 में हमीरपुर में सब-जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्ति हुई थी.
अपने न्यायिक सेवा के कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिमला, घुमारवीं, किन्नौर, चंबा और कांगड़ा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. इसके अलावा अप्रैल 2025 से उन्हें नाहन, सिरमौर में डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के तौर पर उन्हें नियुक्त किया गया था.