
नई दिल्ली:
लाल किले के सामने सड़क पर पार्किंग को लेकर हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद जमीनी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है. सड़क पर अब भी बड़ी संख्या में वाहन खड़े किए जा रहे हैं. फर्क सिर्फ इतना नजर आता है कि पहले जिन पार्किंग बोर्डों पर MCD की अधिकृत पार्किंग और पार्किंग शुल्क का उल्लेख होता था, उन पर अब पेंट कर दिया गया है. हालांकि, बोर्डों से जानकारी मिटाए जाने के बावजूद सड़क पर वाहनों की पार्किंग जारी है.
व्यापारियों ने जताई चिंता
NDTV से बात करते हुए स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने कहा कि लाल किला और चांदनी चौक जैसे बेहद भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाके में मुख्य सड़क पर वाहनों की कतारें लगने से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा होती है. लोगों के मुताबिक, वैकल्पिक पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मुख्य सड़क पर पार्किंग का जारी रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
उनके मुताबिक, लाल किला क्षेत्र पुरानी दिल्ली का प्रमुख प्रवेश द्वार है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं. सड़क पर पार्किंग के अलावा ई-रिक्शा, रिक्शा और अन्य वाहनों के अव्यवस्थित खड़े होने से ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ती है. बंसल ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर MCD और यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस तथा ट्रैफिक पुलिस को मिलकर समाधान निकालना चाहिए.

Red Fort Illegal Parking: लाल किले के पास अवैध पार्किंग की समस्या
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वहीं संजय शर्मा, व्यापारी, लाजपत राय मार्केट, ने कहा कि सड़क पर पार्किंग नहीं होनी चाहिए और वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ते खुले रहने चाहिए. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर एक के पीछे एक कई कतारों में वाहन खड़े दिखाई देते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम के साथ सुरक्षा संबंधी चिंता भी पैदा होती है. ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से समस्या और गंभीर हो जाती है.
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लाल किला और चांदनी चौक क्षेत्र में सड़क पर पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाई जाए, उपलब्ध वैकल्पिक पार्किंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए और यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए.
10 नवंबर के धमाके के बाद सुरक्षा पर सवाल
लाल किले के सामने सड़क पर पार्किंग को लेकर सुरक्षा का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के सामने हुए बम धमाके के दौरान ट्रैफिक जाम में फंसे लोग भी इसकी चपेट में आए थे. ऐसे में इस संवेदनशील क्षेत्र में सड़क पर अनियंत्रित और अवैध पार्किंग को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. जब इलाके में पहले से ही पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद है, तो फिर मुख्य सड़क पर वाहनों को खड़ा करने की अनुमति या सहूलियत क्यों बनी हुई है? क्या प्रशासन किसी नए हादसे का इंतजार कर रहा है? हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद यदि सड़क पर पार्किंग जारी रहती है, तो सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत भी महसूस होती है.

Red Fort Illegal Parking: हर दिन बनती है जाम की स्थिति
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ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया
उत्तर जिले के ट्रैफिक DCP का नया पदभार संभालने वाले के. रमेश ने लाल किले के सामने पार्किंग को लेकर कहा कि उन्हें इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और मिली शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी. उनके मुताबिक, इसका परिणाम जल्द दिखाई देगा.
पार्षद ने भी बताया अवैध
स्थानीय निगम पार्षद सुमन गुप्ता (भाजपा) ने कहा कि लाल किले के सामने मौजूदा पार्किंग किसी को आवंटित नहीं की गई है और इसे अवैध रूप से चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत आरपी सेल, जो दिल्ली की पार्किंग व्यवस्था से संबंधित है, को भेजी गई है. इसके अलावा स्थानीय दिल्ली पुलिस के DCP को भी शिकायत दी गई है. पार्षद ने कहा कि सड़क पर पार्किंग के कारण जहां लगातार ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है, वहीं इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा संबंधी चिंता भी बनी रहती है.

Red Fort Illegal Parking: अवैध पार्किंग से सब परेशान
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद पार्किंग बोर्डों से ‘अधिकृत पार्किंग’ और शुल्क संबंधी जानकारी मिटा दी गई है, लेकिन जमीन पर तस्वीर अब भी बदली हुई नजर नहीं आती. ऐसे में सवाल सिर्फ अवैध पार्किंग का नहीं, बल्कि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता का भी है. जब वैकल्पिक पार्किंग उपलब्ध है और सड़क पर पार्किंग को लेकर अदालत का आदेश भी मौजूद है, तो फिर मुख्य सड़क पर यह व्यवस्था आखिर कब पूरी तरह बंद होगी?
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