धर्म

अमरनाथ यात्रा 2026 का अंतिम चरण शुरू, जानें कब होंगे बाबा बर्फानी के आखिरी दर्शन और कब बंद होंगे कपाट


Amarnath Yatra 2026: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव में प्रवेश कर चुकी है. भगवान शिव की पावन ‘छड़ी मुबारक’ मंगलवार को चंदनवाड़ी से चलकर ऊंचाई पर स्थित शेषनाग ट्रांजिट कैंप पहुंच गई. दशनामी अखाड़े के महंत दीपेंद्र गिरी की अगुवाई में साधु-संतों के जत्थे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र छड़ी का यहां भव्य स्वागत किया गया और विशेष पूजा-अर्चना की गई.

शेषनाग झील के किनारे हुई भव्य संध्या आरती

चंदनवाड़ी में रात्रि विश्राम के बाद छड़ी मुबारक ने मंगलवार सुबह शेषनाग के लिए कठिन चढ़ाई शुरू की थी. शेषनाग पहुंचने पर सुरम्य झील के किनारे पारंपरिक शाम की आरती संपन्न हुई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं और साधुओं ने भाग लिया.

पवित्र छड़ी शास्त्रों में तय कड़े नियमों और समय-सारणी के अनुसार ही आगे बढ़ती है:

  • 22 अगस्त: श्रीनगर के मैसुमा स्थित ऐतिहासिक दशनामी अखाड़ा भवन से यात्रा की शुरुआत हुई. रास्ते में बिजबेहारा शिव मंदिर और मट्टन के प्रसिद्ध मार्तंड सूर्य मंदिर में पूजा-अर्चना की गई.
  • 23–24 अगस्त: छड़ी दो दिनों तक पहलगाम में रुकी और 24 अगस्त को गौरी शंकर मंदिर से चंदनवाड़ी के लिए प्रस्थान किया.
  • 25 अगस्त: चंदनवाड़ी से प्रस्थान कर छड़ी शेषनाग बेस कैंप पहुंची.
  • 26–27 अगस्त: 26 अगस्त की सुबह छड़ी मुबारक पंचतरणी के लिए रवाना होगी, जहां यह अगले दो दिनों तक रुकेगी.

28 अगस्त को गुफा में प्रवेश और मुख्य अनुष्ठान

श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले छड़ी मुबारक पवित्र अमरनाथ गुफा में प्रवेश करेगी.

गुफा में पूरे विधि-विधान और वैदिक परंपरा के साथ मुख्य पूजा संपन्न होगी. इसी के साथ आम श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष के अमरनाथ दर्शन का औपचारिक समापन हो जाएगा.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने इसी पवित्र और एकांत गुफा में माता पार्वती को अमरता का रहस्य (अमर कथा) सुनाया था.

वापसी यात्रा और 30 अगस्त को औपचारिक समापन

मुख्य पूजा के बाद पवित्र छड़ी की वापसी यात्रा शुरू होगी:

  • 28–29 अगस्त: पंचतरणी, शेषनाग और चंदनवाड़ी में ठहराव करते हुए छड़ी 29 अगस्त को पहलगाम पहुंचेगी.
  • 30 अगस्त: पहलगाम में अंतिम पूजा और पारंपरिक जल विसर्जन समारोह का आयोजन होगा.

जल विसर्जन के साथ ही साल 2026 की वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा पूरी तरह संपन्न हो जाएगी और धाम के कपाट 2027 की अगली यात्रा तक के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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