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नेपाल में लापता हुए अपने, भारत में टकटकी लगाए इंतजार कर रहे परिवार, हर फोन कॉल पर टिकी हैं निगाहें | Nepal Flood Crisis Impacting Indian Tourists Families Seek Government Intervention For Safety



नेपाल में आई भयानक बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित हुआ है. कई भारतीय भी इससे प्रभावित हुए हैं.  झारखंड के रांची से लेकर पश्चिम बंगाल के आरामबाग और दुर्गापुर तक कई परिवार अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं होने के कारण परेशान हैं. वहीं कुछ पर्यटकों ने सुरक्षित होने की जानकारी देकर परिवारों को राहत भी दी है. परिजन सरकारों से नेपाल प्रशासन के साथ संपर्क कर सभी भारतीयों की लोकेशन और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं.

रांची के रामप्रसाद से दो दिन से नहीं हो पा रहा संपर्क

नेपाल के अपर त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे रांची के रामप्रसाद घोष से उनके पिता पिछले दो दिनों से लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है. आपदा के बाद रामप्रसाद की स्थिति क्या है और वह कहां हैं, इसकी कोई ठोस जानकारी उनके परिवार को नहीं मिल सकी है. परिवार लगातार संपर्क साधने का प्रयास कर रहा है, लेकिन किसी भी माध्यम से जानकारी नहीं मिल पा रही है. 

ऐसे में परिवार ने मीडिया के माध्यम से झारखंड सरकार से अपील की है कि सरकार जल्द पहल करते हुए नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर रामप्रसाद घोष की स्थिति और लोकेशन की जानकारी जुटाए, ताकि उनके परिवार को जल्द से जल्द राहत मिल सके.

बंगाल से नेपाल घूमने गए 65 पर्यटक भी फंसे

उधर पश्चिम बंगाल से आरामबाग से नेपाल घूमने गए 65 पर्यटकों को लेकर एक बस वहां फंस गई है. इस घटना से आरामबाग में पर्यटकों के परिवारों में चिंता और दहशत का माहौल है. परिवार के लोग हाथ जोड़कर भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि सभी पर्यटक स्वस्थ और सुरक्षित घर लौट आएं.

आरामबाग नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 के निवासी अर्णब कुमार दत्त और प्रीतिकोना दत्त ने बताया कि उनकी मां शिखा रानी दत्त समेत परिवार के कुल पांच सदस्य 24 अगस्त को नेपाल घूमने गए थे. उनके साथ करीब 60 अन्य पर्यटकों समेत कुल 65 लोगों का एक दल निजी टूरिस्ट बस से नेपाल गया था.

लेकिन 25 अगस्त को उन्हें पता चला कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ (हड़पा बान) की घटना हुई है. इसके बाद से ही परिवार के लोग बेहद चिंतित हो गए. शुरुआत में अर्णब अपनी मां और रिश्तेदारों से किसी भी तरह संपर्क नहीं कर पा रहे थे. हालांकि, किसी तरह कल व्हाट्सऐप के जरिए उनसे संपर्क हो पाया. उस समय उन्होंने बताया कि वे नेपाल के चेतन पार्क इलाके के एक होटल में ठहरे हुए हैं. उन्होंने व्हाट्सऐप के माध्यम से अपनी तस्वीर भी भेजी थी.

हालांकि, आज सुबह व्हाट्सऐप पर संदेश के जरिए संपर्क करने पर पता चला कि वे फिलहाल नेपाल की पोखरा वैली के एक होटल में ठहरे हुए हैं. यह स्थान हड़पा बान से प्रभावित इलाके से 100 किलोमीटर से अधिक दूर है. इसके बावजूद परिवार के सदस्यों की चिंता कम नहीं हो रही है. उनका कहना है कि जब तक सभी लोग सुरक्षित अपने घर वापस नहीं लौट आते, तब तक उनकी चिंता बनी रहेगी.

दुर्गापुर से नेपाल घूमने गए 6 लोग, 2 लापता

नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद दुर्गापुर से यात्रा पर गए छह यात्रियों को लेकर चिंता बनी हुई है. इनमें तीन दंपति शामिल हैं. तीन दंपतियों में से दो दंपतियों की जानकारी सामने आई है, जबकि अन्य यात्रियों को लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। इसे लेकर परिवार चिंतित हैं.

दुर्गापुर के अंबुजा टाउनशिप निवासी देवाशीष बनर्जी (62) और उनकी पत्नी संघमित्रा बनर्जी (59) इसी महीने की 21 तारीख को एक ट्रैवल एजेंसी के साथ कैलाश-मानसरोवर यात्रा के उद्देश्य से रवाना हुए थे. नेपाल में भीषण आपदा की खबर सामने आने के बाद से उनसे किसी भी तरह संपर्क नहीं हो पा रहा है.

वहीं, दुर्गापुर के तपवन सिटी, 52, 9D के रहने वाले 60 वर्षीय अरिंदम गांगुली और उनकी पत्नी मौसमी गांगुली भी नेपाल यात्रा पर गए थे. नेपाल में बाढ़ के बीच 25 अगस्त की रात के बाद से छह यात्रियों का कोई संपर्क नहीं हो पाया था. इनमें अरिंदम गांगुली और मौसमी गांगुली भी शामिल हैं.

लापता यात्रियों को लेकर उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों में चिंता बनी हुई है. अंबुजा टाउनशिप इलाके में भी चिंता का माहौल है. वे इस समय कहां हैं और उनकी स्थिति क्या है, इसे लेकर परिवार के सदस्य चिंतित हैं.

जानकारी के अनुसार, देवाशीष बनर्जी दुर्गापुर इस्पात अस्पताल के कर्मचारी थे. उनकी पत्नी संघमित्रा बनर्जी शिक्षिका थीं. अवकाश के समय कैलाश-मानसरोवर की यात्रा के उद्देश्य से वे इस यात्रा पर निकले थे. नेपाल में आपदा के बाद संपर्क टूट जाने से परिवार स्वाभाविक रूप से चिंतित है. रिश्तेदारों और पड़ोसियों की यही प्रार्थना है कि सभी यात्री स्वस्थ और सुरक्षित अपने घर लौट आएं.

वहीं शिवसेना सातारा जिला महिला आघाड़ी की उप-जिलाप्रमुख मेघा ताई चोरगे अपने दस सहयोगियों के साथ घूमने के लिए नेपाल गई थीं. हालांकि, उन्होंने एक विशेष वीडियो जारी कर बताया है कि वह और उनके सभी सहयोगी काठमांडू के पास स्थित पोखरा शहर में पूरी तरह सुरक्षित हैं. मेघा ताई चोरगे ने वीडियो के माध्यम से बताया कि वह, उनके सभी सहयोगी और टूर ऑपरेटर सुरक्षित हैं. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सातारा के पालकमंत्री शंभूराज देसाई और सातारा के जिलाधिकारी संतोष पाटील के संपर्क में हैं.

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