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हाथ में AK-47, शरीर पर लगीं 3 गोलियां: फिर भी मार गिराए 4 बदमाश, कौन थे यूपी पुलिस के बब्बर शेर सुनील कुमार? | up police inspector sunil kumar posthumously awarded kirti chakra encounter story



उत्तर प्रदेश के बहादुर पुलिस इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया गया है. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स मेरठ में तैनाती के दौरान उन्होंने कुख्यात मुकीम काला गैंग का सफाया करने के लिए शेर की तरह लड़ाई लड़ी. हाथ में एके-47 थामे सुनील कुमार के शरीर पर तीन गोलियां लगीं, लेकिन शहादत से पहले उन्होंने और उनकी टीम ने 4 कुख्यात बदमाशों को ढेर कर दिया था.

कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है. यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी इंस्पेक्टर को उनके अदम्य साहस के लिए इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है. स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर शहीद इंस्पेक्टर के गांव पहुंचे और उनके परिवार को यह गौरवपूर्ण सम्मान सौंपा. उन्होंने शहीद की पत्नी मुनेश देवी, बेटे मनजीत और बेटी नेहा को सम्मानित किया.

पश्चिम यूपी के कुख्यात मुकीम काला गैंग के बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने के लिए UP STF मेरठ यूनिट के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के अलावा एएसपी ब्रजेश कुमार सिंह, एचसीपी संजय कुमार और एचसीपी दीपक कुमार को भी गैलेंट्री अवॉर्ड प्रदान किए गए हैं.

20 जनवरी की वो खौफनाक रात और 30 मिनट का एनकाउंटर

बात 20 जनवरी 2025 की है. हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में आधी रात को UP STF के इंस्पेक्टर सुनील कुमार और उनकी टीम की मुठभेड़ पश्चिम यूपी के कुख्यात मुकीम काला गैंग से हुई. पूरी टीम करीब 30 मिनट तक बदमाशों से लोहा लेती रही, जिस दौरान दोनों तरफ से 40 गोलियां चलीं. जनपद शामली में अपराधियों का मुकाबला करते हुए बदमाशों की तीन गोलियां लगने से इंस्पेक्टर सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और 22 जनवरी को सर्वोच्च बलिदान देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए. हालांकि, अपनी शहादत से पहले उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर 1 लाख रुपये के इनामी शार्प शूटर अरशद और उसके 3 साथियों को ढेर कर दिया था. 

ददुआ से लेकर अनिल दुजाना तक: 26 साल का बेमिसाल सेवाकाल

मेरठ में मवाना रोड स्थित मसूरी गांव के रहने वाले इंस्पेक्टर सुनील कुमार का सेवाकाल अनेक साहसिक अभियानों और उत्कृष्ट पुलिसिंग से भरा रहा. इससे पहले वे ददुआ और ठोंकिया जैसे खूंखार डकैतों के एनकाउंटर में भी अपनी बहादुरी दिखा चुके थे. 4 मई 2023 को पश्चिम यूपी के कुख्यात अपराधी अनिल को मेरठ के थाना जानी क्षेत्र में सुनील कुमार की टीम ने ही मुठभेड़ में ढेर किया था. दुजाना पर 66 मुकदमे दर्ज थे. 10 मई 2025 को मुरादाबाद में कुख्यात आसिफ उर्फ टिड्डा और दीनू को एनकाउंटर में मार गिराया. UPPAC में कमांडर रहे सुनील सिंह 26 साल पहले UP STF में शामिल हुए थे. इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई संगठित आपराधिक गैंग्स को नेस्तनाबूद करने में अहम भूमिका निभाई. 

यूपी पुलिस का ऐतिहासिक गौरव

यूपी पुलिस ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कीर्ति चक्र एवं गैलेंट्री मेडल से सम्मानित निरीक्षक सुनील कुमार का शौर्य उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक गौरव का क्षण है. उन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना अदम्य साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपराधियों का मुकाबला किया. कीर्ति चक्र और गैलेंट्री मेडल से सम्मानित निरीक्षक सुनील कुमार का यह शौर्य और सर्वोच्च बलिदान उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा में सदैव स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा.  

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