

सूरत के भेस्तान इलाके में कुख्यात सतीश उर्फ सतीश मराठा की सरेआम हत्या का खौफनाक लाइव वीडियो सामने आया है. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह सतीश को पहले चारों तरफ से घेरा जाता है और उसके बाद उस पर एक के बाद एक धारदार हथियारों से हमला किया जाता है. हमलावरों के हाथ में तलवार, धारिया और चाकू नजर आ रहे हैं, जबकि सतीश अपनी जान बचाने के लिए लगातार संघर्ष करता दिखाई देता है.
वीडियो में हमलावर जिस बेरहमी से वार कर रहे हैं, उससे वारदात की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. पुलिस के मुताबिक, सतीश के शरीर और चेहरे पर करीब 39 वार किए गए थे. हमले के दौरान सतीश वहां से भागने की कोशिश करता है, लेकिन हमलावर उसे घेरकर हमला जारी रखते हैं और बाद में फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी जाती है. दिनदहाड़े हुई इस वारदात का वीडियो अब इस पूरे हत्याकांड में सबसे अहम सबूतों में से एक माना जा रहा है.
वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरों के पीछे की कहानी भी उतनी ही चौंकाने वाली है. 5 अगस्त की दोपहर सतीश एक युवती के साथ स्विफ्ट कार में भेस्तान के भीमनगर स्थित सरस्वती आवास मंदिर के पास से गुजर रहा था. हमलावर पहले से उसकी निगरानी कर रहे थे. जैसे ही उसकी कार वहां पहुंची, बाइक पर आए किशोरों ने कार की ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिया. शीशा टूटने के बाद सतीश जैसे ही कार से बाहर निकला, आसपास छिपे बाकी हमलावरों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया.
इसके बाद जो हुआ, वह कैमरे में कैद हो गया. वीडियो में हमलावर लगातार सतीश पर धारदार हथियारों से वार करते दिखाई देते हैं. सतीश खुद को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन हमलावर उसे कोई मौका नहीं देते. पुलिस के मुताबिक, फायरिंग के बाद सतीश की मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था. सतीश को खत्म करने की साजिश पहले से तैयार की गई थी और हमलावरों को उसकी गतिविधियों की जानकारी थी. सतीश और जेल में बंद राहुल मंडल के बीच लंबे समय से शराब के स्टैंड और इलाके में वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था. इससे पहले भी सतीश पर हमला किया जा चुका था. करीब डेढ़ महीने पहले गोडादरा ब्रिज के नीचे उस पर मिर्ची पाउडर डालकर हमला किया गया था, लेकिन वह बच गया था. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद सतीश को रास्ते से हटाने के लिए और पुख्ता प्लान बनाया गया. राहुल मंडल के संपर्क में आए आरोपियों और कुछ नाबालिगों को इस साजिश में शामिल किया गया और फिर सतीश की रेकी शुरू की गई.
इस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी पहले से जुटाए गए थे. पुलिस के मुताबिक, तलवार, कुल्हाड़ी, धारिया और चाकू भागल इलाके की एक दुकान से खरीदे गए थे. इनमें से एक धारिया और एक चाकू पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया है. बाकी हथियारों की तलाश की जा रही है. पुलिस के लिए अब यह भी अहम सवाल है कि सतीश की सटीक लोकेशन हमलावरों तक किसने पहुंचाई थी. क्योंकि जिस तरह से हमलावर पहले से मौके पर मौजूद थे और सतीश की कार के पहुंचते ही हमला शुरू कर दिया गया, उससे साफ है कि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. सामने आए लाइव वीडियो के आधार पर पुलिस हमलावरों की भूमिका और वारदात में किसने क्या किया, इसकी भी कड़ियां जोड़ रही है.
वारदात के बाद आरोपी सूरत से निकलकर महाराष्ट्र बॉर्डर की तरफ भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सूरत क्राइम ब्रांच और तापी जिला LCB की संयुक्त टीम ने उन्हें पकड़ लिया. इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चार नाबालिगों को भी कानून के संघर्ष में लिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में केतन उर्फ सन्नी सीरसाठ, राहुल उर्फ बटको, करण उर्फ पूदुल, हीरामली दुबे, अजीत उर्फ जस्टिन गोस्वामी और आकाश बटको समेत अन्य आरोपी शामिल हैं. हत्या के मामले में पांच आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. वहीं जेल में बंद राहुल मंडल को भी पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में लेने की तैयारी है.
अब इस केस में पुलिस की नजर उस एक आरोपी पर है जो अभी फरार है. रिंकू नाम के आरोपी की तलाश जारी है. साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी प्लानिंग कैसे हुई, सतीश की लोकेशन किसने दी, हथियार किसने उपलब्ध कराए और जेल में बंद राहुल मंडल तक इस साजिश की कड़ियां कैसे पहुंचीं. लेकिन फिलहाल इस हत्याकांड का सबसे बड़ा सबूत वह लाइव वीडियो है, जिसमें सतीश पर हुआ जानलेवा हमला कैमरे में कैद है. यही वीडियो अब पुलिस की जांच में हमलावरों की पहचान, उनकी भूमिका और हत्या की पूरी साजिश को जोड़ने में अहम कड़ी साबित हो सकता है.





