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राजस्थान के 84 शहरों की बदलेगी तस्वीर, ₹9,500 करोड़ के बजट का ब्लूप्रिंट तैयार | rajasthan news 84 cities infrastructure blueprint for ₹9500 crore budget



राजस्थान के 84 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए प्लानिंग तैयार हो गई है. इन शहरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए ब्लूप्रिंट बनाया गया है, जिसके लिए करीब ₹9,500 करोड़ खर्च किए जाएंगे. राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के तहत काम जल्द ही शुरु होगा. योजना के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को कम करने पर जोर रहेगा. 

5 से 11 अगस्त तक लोगों से लिए जाएंगे सुझाव

राज्य सरकार इसके लिए पार्षदों, प्रबुद्धजनों, मीडिया और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ कंसल्टेशन मीटिंग्स ‘आरयूआईडीपी संवाद’ 5 से 11 अगस्त तक आयोजित करेगी. इस दौरान लोगों से सुझाव और फीडबैक लिए जाएंगे.  एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की ‘राजस्थान अरबन लिवेबिलिटी इम्प्रूवमेन्ट प्रोजेक्ट'(RLIP) की लागत 6009 करोड़ और विश्व बैंक के प्रोजेक्ट की ‘सस्टेनेबल अरबन ट्रांस्फोर्मेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलरेटेड’ (SUTRA) की लागत 3492 करोड़ रुपये है.

इंफ्रा पर निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर 

इस बेहतर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा. प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरिमोहन मीणा ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य अत्यधिक शहरीकृत शहरों और उनके सैटेलाइट नगरों का विकास करना है, ताकि उन्हें रहने योग्य बनाया जा सके. इसे पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक तौर पर विकसित करने पर फोकस रहेगा. 

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राजस्थान के 67 शहरों में एशियन विकास बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित अपषिष्ट जल का उपयोग किया जाएगा. इसकी लागत 4047 करोड़ होगी. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (32 शहर) के लिए जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर और 28 सैटेलाइट शहरों को शामिल किया जाएगा. इन कार्यों की लागत 650 करोड़ रूपये है, जिसके लिए विश्व बैंक से फंड मिलेगा. 

रोड नेटवर्क को मजबूत करने के लिए खर्च होंगे 2022 करोड़ 

निदेशक ने बताया कि शहरी यातायात सुधार के तहत 7 जिला मुख्यालय जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर एडीबी द्वारा और बीकानेर, उदयपुर और अजमेर में शहरी परिवहन नेटवर्क में सुधार के लिए समाधान लागू किए जाएंगे. इससे शहरी आबादी के लिए कुशल और सतत् परिवहन प्रणाली सुनिश्चित की जा सकेगी. इन कार्यों की लागत 2022 करोड़ रूपये होगी.  

इसके अलावा बाढ़ प्रबंधन और ड्रेनेज  के कार्य 500 करोड़ की लागत से 56 शहरों में किए जाएंगे. कमांड एण्ड कंट्रोल सेन्टर  (CCC) और विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संबंधी कार्य भी 56 शहरों में किये जाएंगे. इन कार्यों की लागत 701 करोड़ रूपये है.

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